सतना: जिले में धान कटाई के मौसम में प्रशासन और किसानों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। एक तरफ लगातार बारिश की आशंका से किसान जल्द से जल्द फसल काटने के लिए हार्वेस्टर का सहारा ले रहे हैं, तो दूसरी तरफ बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) वाले हार्वेस्टरों पर प्रशासन की सख्ती ने कटाई ठप कर दी है।
पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के मकसद से की गई कार्रवाई के बाद हार्वेस्टर संचालक काम छोड कर भाग रहे हैं, जबकि किसान फसल बर्बाद होने की कगार पर खड़े हैं।
इस मुद्दे पर चित्रकूट विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है, तो स्थानीय नेता प्रशासन से नियमों में छूट की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने ग्रामीण इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान बिरसिंहपुर कस्बे में पंजाब के हार्वेस्टर संचालक कुलविंदर सिंह के ऑपरेटर लवली सिंह बिना एसएमएस के धान काट रहे थे। कोई बेलर या स्लैशर मशीन भी नहीं थी। टीम ने हार्वेस्टर को थाने लाकर सीज कर दिया। प्रशासन का कहना है कि बिना एसएमएस कटाई से ऊपरी हिस्सा कटता है, जिससे पराली खेतों में जलाने की घटनाएं बढ़ती हैं। इससे वायु प्रदूषण फैलता है और आग लगने का खतरा रहता है।
किसानों की मजबूरी
इन दिनों सतना में धान कटाई जोरों पर है। कुछ दिन पहले हुई लगातार बारिश से फसल को नुकसान पहुंचा है। मौसम की अनिश्चितता के बीच किसान जल्द कटाई चाहते हैं, ताकि बची हुई फसल बच सके। हार्वेस्टर से कटाई तेज और सस्ती पड़ती है, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई के डर से संचालक कटाई रोक रहे हैं। किसानों की मानें तो बारिश से पहले ही फसल खराब हो चुकी है। जो बची है, उसे हार्वेस्टर से कटवाना मजबूरी है।
