
कोलकाता, 27 मई (वार्ता) राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बंगाली फिल्म निर्देशक अनिक दत्ता का बुधवार दोपहर कोलकाता के गरियाहाट में अपने घर की छत से गिरने के बाद निधन हो गया। वह 60 वर्ष के थे। उनके परिवार में उनसे अलग रह रहीं उनकी साथी संधि और एक बेटी हैं। सूत्रों के अनुसार, छत से गिरने के बाद श्री दत्ता (60) को गंभीर हालत में तुरंत ढाकुरिया के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
श्री दत्ता को 2012 में आई फिल्म ‘भूतेर भबिष्यत’ से काफी प्रसिद्धि मिली थी, जिसमें राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य को डरावनी कहानी के साथ जोड़ा गया था। कई समीक्षकों और दर्शकों द्वारा इस फिल्म को बंगाली सिनेमा में एक मील का पत्थर माना जाता है। उन्होंने बाद में ‘बोरुनबाबुर बंधु’ (2020) और ‘अपराजितो’ (2022) का निर्देशन किया, जिन्हें उनकी विचारशील प्रस्तुति और दमदार अभिनय के लिए सराहा गया था। सत्यजीत रे के काम के प्रशंसक रहे श्री दत्ता अक्सर अपनी फिल्मों में मानवीय संबंधों और सांस्कृतिक यादों पर ध्यान केंद्रित करते हुए उसी तरह की संवेदनशीलता को आगे बढ़ाते थे।
निर्देशक के रूप में उनकी आखिरी फिल्म ‘जोतो कांडो कोलकातातेई’ (2025) था, जिसमें अबीर चटर्जी, काजी नौशबा अहमद और दुलाल लाहिड़ी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।
