
सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड पाथाखेडा (WCL) के क्षेत्र की भूमिगत कोयला खदानों में कार्यरत ठेका मजदूरों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। पिछले एक से तीन माह से वेतन अटके होने से नाराज़ सैकड़ों श्रमिक शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे जीएम कार्यालय, पाथाखेड़ा पहुँचे और प्रबंधन के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल भुगतान की मांग की।
मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा जानबूझकर मेहनताना रोका जा रहा है। और जानबूझकर मजदूरों को खदान में काम करने से रोका जा रहा है। खाते पर पैसे डालकर आधे से ज्यादा पैसे वापस लेने की धमकी भी दे रहे हैं उनका स्पष्ट कहना है कि पैसा वापस नहीं डंक तो वेतन खाते में नहीं डालेगा। जिससे मजदूरों के परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, राशन और रोजमर्रा की जरूरतें तक प्रभावित हो रही हैं। श्रमिकों ने बताया कि पूर्व में भी इस समस्या से प्रबंधन को अवगत कराया गया था, लेकिन आश्वासन के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वरिष्ठ श्रमिक नेता संतोष देशमुख और प्रदीप नागले ने कहा कि ठेकेदारों का रवैया गैर-जिम्मेदाराना और अमानवीय है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav और देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi तक पहुंचाया जाएगा।
मजदूरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बकाया वेतन शीघ्र खातों में जमा न हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे, जिससे औद्योगिक शांति भंग हो सकती है। फिलहाल समूचे क्षेत्र की निगाहें प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
