इंदौर:विधानसभा क्षेत्र-3 के मोती तबेला इलाके में रविवार को आवारा श्वानों का कहर खुलकर सामने आया. कुछ ही घंटों के भीतर इन हमलावर कुत्तों ने क्षेत्र के 12 लोगों पर हमला कर दिया, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं. इनमें से सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए एमवाय अस्पताल ले जाया गया.घटना के वक्त इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बच्चे सड़कों पर खेल रहे थे, तभी श्वानों के एक झुंड ने अचानक हमला बोल दिया.
बच्चों पर विशेष रूप से निशाना साधा गया. तीन बच्चों को बुरी तरह काटा गया, जबकि अन्य लोग इन हमलों से खुद को बचाने के चक्कर में गिर पड़े और चोटिल हो गए. कई लोग बाल-बाल बचे, लेकिन पूरे क्षेत्र में डर और दहशत का माहौल फैल गया. घायलों को अस्पताल पहुंचाने में युवक कांग्रेस नेता दानिश खान ने तत्परता दिखाई. उन्होंने बताया कि इलाके में पिछले कई दिनों से श्वानों की बढ़ती संख्या और हमलावर प्रवृत्ति की शिकायत नगर निगम जोन कार्यालय और मुख्यालय में की गई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया.
रविवार को अचानक श्वानों का झुंड आक्रामक हो गया और एक के बाद एक लोगों पर हमला कर दिया. स्थानीय रहवासियों ने आरोप लगाया कि हमलावर श्वानों के बारे में पहले से जानकारी और शिकायत देने के बावजूद नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची. लोगों ने गुस्से में कहा कि अब वे अपने घरों से निकलने में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है. रहवासियों ने मांग की है कि नगर निगम तत्काल क्षेत्र में श्वान पकड़ने की मुहिम चलाए और पीड़ितों के इलाज की जिम्मेदारी भी उठाए. सवाल यह है कि जब लोगों की जान पर बन आई हो, तब भी जिम्मेदार विभाग कब जागेगा?
शहर में लगातार बढ़ रहे हैं श्वानों के हमले, प्रशासन मौन
यह कोई पहली घटना नहीं है जब आवारा श्वानों ने इस तरह से लोगों को अपना निशाना बनाया हो. शहर के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार इस तरह की घटनाओं की खबरें आती रही हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. मोती तबेला की इस घटना ने निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.
