एडिनबर्ग, टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को उनके 54वें जन्मदिन पर एक अत्यंत प्रतिष्ठित सम्मान मिला है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने उन्हें औपचारिक रूप से आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया है। यह निर्णय स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबर्ग में आयोजित आईसीसी की बोर्ड सालाना बैठक के दौरान लिया गया। इस सम्मान के साथ ही, गांगुली हॉल ऑफ फेम में जगह बनाने वाले कुल 12वें भारतीय क्रिकेटर और 10वें पुरुष भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। सौरव गांगुली ने इस उपलब्धि पर गहरा आभार व्यक्त करते हुए इसे अपने करियर का एक अद्भुत सम्मान बताया है।
शानदार क्रिकेट करियर और कप्तानी
गांगुली का अंतरराष्ट्रीय करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन और 311 वनडे मैचों में 22 शतकों की मदद से 11,363 रन बनाए हैं। भारतीय क्रिकेट में उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान वर्ष 2000 से 2005 के बीच रहा, जब उन्होंने मैच फिक्सिंग के संकट से जूझ रही टीम इंडिया का नेतृत्व किया और उसे नई दिशा दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी, 2002 चैंपियंस ट्रॉफी में संयुक्त जीत और 2003 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक का ऐतिहासिक सफर तय किया।
प्रशासनिक भूमिका और योगदान
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, गांगुली ने खेल प्रशासन में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने 2019 से 2022 तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष के रूप में भारतीय क्रिकेट की बागडोर संभाली। वर्तमान में वे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के प्रमुख होने के साथ-साथ आईपीएल और डब्ल्यूपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेट डायरेक्टर और SA20 में प्रिटोरिया कैपिटल्स के हेड कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हॉल ऑफ फेम में शामिल होकर उन्होंने क्रिकेट के इतिहास में अपनी महानता को और अधिक सुदृढ़ कर लिया है।

