ब्रिस्टल, इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम पांच मैचों की T20 सीरीज में फिलहाल 0-2 से पिछड़ रही है। गुरुवार को ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में होने वाला चौथा मुकाबला टीम इंडिया के लिए अस्तित्व की लड़ाई है। सीरीज में बने रहने के लिए भारत को इस मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसी स्थिति में है, जहाँ एक और हार का मतलब सीरीज गंवाना होगा।
सुधारनी होंगी ये तीन कमियां
जीत की राह पर लौटने के लिए भारतीय टीम को तीन प्रमुख गलतियों पर ध्यान देना होगा। पहली समस्या बल्लेबाजी क्रम में अनावश्यक बदलाव है, जिससे मध्यक्रम का संतुलन बिगड़ रहा है। दूसरी कमी तेज गेंदबाजों का लचर प्रदर्शन है, जो इंग्लैंड के बल्लेबाजों के सामने विकेट लेने में नाकाम रहे हैं। तीसरी कमजोरी मध्यक्रम के बल्लेबाजों का खराब फॉर्म है; श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों को जिम्मेदारी उठानी होगी। अभिषेक शर्मा के अलावा शीर्ष क्रम के अन्य बल्लेबाजों का बल्ला खामोश रहना टीम के लिए घातक साबित हो रहा है।
ब्रिस्टल में इतिहास दोहराने की उम्मीद
राहत की बात यह है कि ब्रिस्टल का मैदान भारतीय टीम के लिए हमेशा से भाग्यशाली रहा है। साल 2018 में यहाँ खेले गए एकमात्र मैच में भारत ने इंग्लैंड को करारी मात दी थी, जिसमें रोहित शर्मा ने तूफानी शतक जड़ा था। इंग्लैंड का इस मैदान पर रिकॉर्ड भी मिला-जुला है। हालांकि, मेजबान टीम के फिल साल्ट और सैम करन बेहतरीन फॉर्म में हैं, लेकिन भारतीय टीम अपने पिछले शानदार प्रदर्शन से प्रेरणा लेकर सीरीज में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

