इंदौर: नगर निगम द्वारा गरीब बस्तियों से विस्थापित कर सरकारी मल्टियों में बसाए गए परिवार बुनियादी सुविधा पानी के लिए मशक्कत कर रहे हैं. स्कीम नंबर 134 की मल्टियों में सैकड़ों परिवार 4-4 दिन तक पानी का इंतजार करने को मजबूर हैं. उन्हें इधर-उधर से दूर-दूर से पानी लाकर गुजारा करना पड़ रहा है.स्टार चौराहा स्थित एमआर-10 के समीप विकास प्राधिकरण की स्कीम नंबर 134 की मल्टियों में रह रहे सैकड़ों परिवार भीषण जल संकट से जूझ रहे हैं.
झुग्गी बस्तियों से यहां शिफ्ट किए गए रहवासियों का आरोप है कि लापरवाही और अव्यवस्था के कारण उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. मुख्य सड़क पर पानी की बोरिंग लाइन डाली गई है, लेकिन कुछ फ्लैटों में मोटर लगाकर अत्यधिक पानी खींच लेने से पीछे स्थित मल्टी के कई फ्लेटों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता. स्थिति यह है कि एक नल कनेक्शन से 5 से 7 परिवार जुड़े हुए हैं, जिससे पानी की उपलब्धता और कम हो जाती है. रहवासियों के अनुसार उन्हें 4 दिन में एक बार पानी नसीब हो रहा है, जिसके चलते आए दिन विवाद और झगड़े की नौबत बन रही है. लोगों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है. हैरानी की बात यह है कि पानी की भयावह स्थिति के बावजूद निगम का एक भी पानी का टैंकर इस क्षेत्र में नहीं पहुंचता.
यह बोले रहवासी…
हमारे पास एक नल कनेक्शन है, उसमें 5 परिवार पानी भरते हैं, जिन लोगों ने बोरिंग की लाइन में छेद कर लिया है, वो हमें पानी नहीं देत.
– लक्ष्मी बाई मोहबिया
मल्टी क्षेत्र में नर्मदा लाइन नहीं है, 400 फीट दूर बोरिंग लाइन से पानी खींचना पड़ता है, पानी के लिए संघर्ष तो हमेशा की समस्या है, निगम पानी टेंकर भी नहीं पहुंचाता.
– चांदनी ठक्कर
यहां रहते हुए चार साल हो गए हैं, कभी क्षेत्र में किसी जिम्मेदार अधिकारी को मल्टी में आते नहीं देखा, ऐसे में पानी की समस्या किसे बताएं. यहां कहो तो झगड़े हो जाएं.
– सुनंदा लाखरे
मैं खुद जाकर समस्या का निराकरण करूंगा
मल्टी में बोरिंग की लाइन डली हुई है, इसके बावजूद अगर किसी को पानी नहीं मिल रहा है, तो मैं खुद मल्टी पहुंचकर वहां जल प्रबंधन देखकर समस्या का निराकरण करूंगा.
-पुष्पेंद्र पाटीदार, पार्षद
