नयी दिल्ली, 06 मई (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा है कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में आंतरिक कमियों, गृह कर के साथ गलत तरीके से लगाए कूड़े के यूजर चार्ज और निगम पोर्टल की खामियों के कारण प्रदेश के गरीब लोगों को सैंकड़ों प्रतिशत गृह कर ज्यादा भरना पड़ रहा है।
श्री यादव ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि एमसीडी खुद स्वीकार कर रहा है कि पोर्टल में कमी के कारण गृह कर अदायगी की राशि ठीक नहीं हो रही है, लेकिन परेशानी के डर से लोग अपना गृह कर भर रहे है। उन्होंने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार की नाकामी के कारण अगर किसी का गृह कर 800 रुपये है, उसे 3100 रुपये कर भरना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कर संग्रह के पोर्टल पर सॉफ्टवेयर की कमी के कारण उपयुक्त कर दर्शाया नहीं जा रहा है और लोगों को तय कर से अधिक भरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी की मिलीभगत के कारण गृह कर में लोगों पर दोहरी मार पड़ रही है। भाजपा और आम आदमी पार्टी की आपसी खींचतान के कारण दिल्ली के लोगों का नुकसान हो रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि एमसीडी द्वारा कूड़ा उठाने का यूजर चार्ज शुरु करने के बाद दिल्ली के लोगों पर भाजपा और आप पार्टी ने अतिरिक्त बोझ डाला है। गृह के साथ कूड़ा उठाने के यूजर चार्ज को मिलाकर दिल्लीवाले लगभग दोगुना गृह कर रहे है, जिसके तहत सम्पति के मालिक को न्यूनतम 600 रुपये और अधिकतम 2400 रुपये वार्षिक अतिरिक्त देने पड़ेंगे। इसके साथ व्यवसायिक सम्पतियों के मालिकों को न्यूनतम 6000 रुपये और अधिकतम 60,000 रुपये प्रति वर्ष देने पड़ रहे है।
उन्होंने कहा कि इस तरह सॉफ्टवेयर की खराबी और विभागीय गड़बड़ी के कारण लोगों को अनाप- शनाप गृह कर देना पड़ रहा है और दूसरी तरफ एमसीडी के ठोस कचरा प्रबंधन अधिनियम 2018 उपनियम के तहत हर महीने घर से कचरा उठाने के लिए यूजर चार्ज वसूलने के कारण दिल्ली वालों को गृह कर की दोहरी मार झेलनी पड़ेगी।
