ईटानगर, 20 फरवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के 40वें स्थापना दिवस पर राज्य के लोगों को बधाई देते हुए अरुणाचल को देशभक्ति, सांस्कृतिक समृद्धि और अपार संभावनाओं की भूमि बताया है।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू को भेजे एक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत में उगते सूरज को सबसे पहले सलाम करता है और यह प्रदेश देशभक्ति और एकता की मिसाल है। प्रधानमंत्री के इस संदेश को मुख्य सचिव ने राज्य स्थापना दिवस पर पढ़ा। श्री मोदी ने कहा कि एक-दूसरे को ‘जय हिंद’ कहकर नमस्ते करने की परंपरा लोगों के बीच गहरे राष्ट्रीय गौरव और मेलजोल की भावना को दर्शाती है।
उल्लेखनीय है कि अरुणाचल प्रदेश को 20 फरवरी, 1987 को राज्य का दर्जा मिला था। श्री मोदी ने कहा कि संपर्क, आधारभूत ढांचा और कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर बनाने की लगातार कोशिशों से अरुणाचल प्रदेश में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले एक बड़ी चिंता कम संपर्क सुविधाओं को लेकर थी, जिसे सरकार ने पिछले दस सालों में दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में हजारों किलोमीटर सड़कें बनाकर दूर कर किया है।
प्रधानमंत्री ने डोनी पोलो एयरपोर्ट और सेला टनल जैसी परियोजनाओं को बड़ी उपलब्धियां बताया, जो इस सीमावर्ती राज्य में हर तरफ संपर्क सुविधा और सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को पक्का करने के केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती विकास का जिक्र करते हुए इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे गांवों को भारत के ‘आखिरी गांव’ की बजाय ‘पहले गांव’ के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम ने अरुणाचल प्रदेश के ऐसे इलाकों पर ध्यान दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ” अरुणाचल प्रदेश को आशीर्वाद देने वाली हर सुबह आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीद, तरक्की और अटूट देशभक्ति का प्रतीक बनी रहे।”
