
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस आशीष श्रोती की एकलपीठ ने प्रधान आरक्षक को दी गई सजा अनुचित पाते हुए निरस्त कर दी। साथ ही रोकी गई वेतन वृद्धि बहाल करके पेंशन का पुनर्निर्धारण करने के निर्देश दिये है।
याचिकाकर्ता अनूपपुर निवासी रवींद्र शुक्ला की ओर से अधिवक्ता नर्मदा प्रसाद चौधरी व अमित चौधरी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता प्रधान आरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। शिकायत के आधार पर उसे आरोप पत्र दिया गया। विभागीय जांच के बाद एक वेतन वृद्धि हमेशा के लिए रोक ली गई जिसका असर पेंशन निर्धारण पर भी पड़ा है। दरअसल, याचिकाकर्ता को एकपक्षीय कार्रवाई के जरिए दोषी पाया गया था। हाई कोर्ट ने सभी तर्क सुनने के बाद राहत प्रदान कर दी।
