नयी दिल्ली, 11 मार्च (वार्ता) विदेश मंत्रालय ने म्यांमार के संबंधित अधिकारियों के समक्ष म्यावाड्डी में फंसे कश्मीरी युवक फैजान रसूल सहित अन्य भारतीय नागरिकों का मुद्दा उठाया है।
इस मुद्दे को उठाने वाले जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने सोमवार को कहा कि विदेश मंत्रालय ने उन्हें सूचित किया है कि उनके अनुरोध को म्यांमार में संबंधित अधिकारियों को भेजे गए हैं और आश्वासन दिया है कि फंसे सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है।
श्रीनगर में सफाकदल निवासी 28 वर्षीय युवक फैजान रसूल मानव तस्करी का शिकार हो गया था और वर्तमान में उसे म्यांमार में बंधक कर रखा हुआ है। अपहरणकर्ताओं ने उसकी रिहाई के लिए 4.5 लाख रुपये की फिरौती मांगी है और रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।
जेकेएसए के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहामी ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि भारतीय मिशन ने म्यांमार में संबंधित अधिकारियों के समक्ष म्यावाड्डी में फंसे भारतीय नागरिकों के मुद्दे को दृढ़ता से उठाया है, जिसमें फैजान रसूल का मामला भी शामिल है।
विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक जवाब में कहा “म्यावड्डी में फंसे कश्मीरी युवक फैजान रसूल सहित सभी भारतीय नागरिकों को बचाने और वापस भेजने का अनुरोध म्यांमार के संबंधित अधिकारियों को भेज दिए गए हैं और हम इस पर तेजी से काम कर रहे हैं।”
मंत्रालय ने लोगों से विदेश में नौकरी दिलाने के झांसे में न आने और ऐसे प्रस्तावों के प्रति सावधानी बरतने की आवश्यकता पर भी बल दिया तथा लोगों को यात्रा करने से पहले उचित माध्यमों से रोजगार के अवसरों के बारे में पूरी जानकारी जुटाने की भी सलाह दी है।
इससे पहले जेकेएसए ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर फैजान रसूल की रिहाई के लिए तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। उसे रोजगार दिलाने का झूठा वादा कर म्यांमार लाया गया था और अब उसे छोड़ने के लिए 4.5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की जा रही है।
विदेश मंत्रालय की त्वरित प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए श्री खुहामी ने फैजान के मामले की तात्कालिकता पर बल दिया, क्योंकि उसकी जान को खतरा है। उन्होंने कहा, “हम मंत्रालय की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हैं, लेकिन हमने उनसे इस विशेष मामले को और ज्यादा तत्परता के साथ आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। फैजान रसूल की जान को खतरा है, उसका परिवार संकट में है और वे तस्करों द्वारा मांगी जा रही फिरौती का भुगतान नहीं कर सकते। उसे सुरक्षित घर वापस लाने के लिए तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप आवश्यक है।”
