हैदराबाद | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने आयकर विभाग को एक ऐसे बड़े टैक्स स्कैम तक पहुँचाया है, जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया है। हैदराबाद के मशहूर बिरयानी आउटलेट्स से शुरू हुई इस जांच ने फूड इंडस्ट्री के भीतर ₹70,000 करोड़ की रेवेन्यू चोरी का खुलासा किया है। आयकर विभाग की हैदराबाद यूनिट ने एआई टूल्स और फॉरेंसिक डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर अरबों बिलों की बारीकी से जांच की। जांच में पाया गया कि वित्त वर्ष 2019-20 से अब तक रेस्टोरेंट्स ने जानबूझकर अपनी बिक्री के असली आंकड़े छुपाए थे।
टैक्स अधिकारियों ने अपनी जांच के दौरान लगभग 60 टीबी (Terabytes) बिलिंग डेटा का विश्लेषण किया। यह डेटा एक विशेष प्वाइंट ऑफ सेल (POS) सिस्टम से जुड़ा था, जो देशभर के करीब 1.7 लाख रेस्टोरेंट्स में इस्तेमाल होता है। जांच में सामने आया कि रेस्टोरेंट मालिक कार्ड, यूपीआई और कैश के जरिए होने वाली सेल्स को सॉफ्टवेयर में दर्ज तो करते थे, लेकिन बाद में टैक्स देनदारी और जीएसटी (GST) से बचने के लिए कैश इनवॉइस के डेटा को सिस्टम से पूरी तरह डिलीट कर देते थे।
इस घोटाले के सबूत मिलने के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने जांच का दायरा पूरे देश में बढ़ा दिया है। शुरुआत में हैदराबाद और विशाखापत्तनम जैसे शहरों तक सीमित रही यह कार्रवाई अब देशभर के बड़े फूड चेंस तक पहुँच रही है। अधिकारियों का मानना है कि पकड़ी गई ₹70,000 करोड़ की राशि अभी केवल ‘टिप ऑफ द आइसबर्ग’ हो सकती है। आयकर विभाग अब उन सॉफ्टवेयर कंपनियों की भी जांच कर रहा है, जिन्होंने कथित तौर पर सेल्स डेटा को गायब करने वाले विशेष फीचर्स रेस्टोरेंट्स को उपलब्ध कराए थे।

