भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit-2026 में कहा कि मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान और देश के प्रमुख राज्यों में से है तथा राष्ट्रीय उत्पादन में उसका योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक को अपनाकर कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन लाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई तकनीक के माध्यम से किसानों की फसलों के उत्पादन में वृद्धि, समय पर रोगों की जांच और उपचार तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की ठोस रणनीति पर काम हो रहा है। इससे कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त और आधुनिक बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित यह एआई समिट देश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और भारत तकनीकी प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
डॉ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जनसंख्या की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश के पांच बड़े राज्यों में शामिल है, ऐसे में चिकित्सा क्षेत्र में एआई के बढ़ते उपयोग से बीमारियों की समय पर पहचान, सटीक निदान और दूरस्थ अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में डाटा सेंटर स्थापित करने के लिए बड़े निवेशकों और कंपनियों को आमंत्रित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की समृद्धि और तकनीकी विकास को गति मिलेगी। साथ ही आईटी पार्कों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के अवसर उपलब्ध हों और वे एआई जैसी नई तकनीकों का लाभ उठा सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। एआई तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए हेल्थ, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री और टूरिज्म सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई एमओयू किए गए हैं, जिससे आने वाले समय में मध्यप्रदेश तकनीकी नवाचार का प्रमुख केंद्र बन सकेगा।
