बिना आईडी कार्ड के मंदिर में प्रवेश करना नहीं होगा आसान
नवभारत द्वारा लगातार मुद्दे उठाए जाने के बाद महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा लिया गया निर्णय
दर्शन पूजन के नाम पर रुपए लेने व श्रद्धालुओं के साथ ठगी के मामले होंगे बंद
उज्जैन: भगवान महाकाल के मंदिर का सरकारीकरण हो गया बावजूद इसके सरकारी नियम ताक पर रखकर दर्शन, पूजन, रुपए लेकर भस्म आरती बुकिंग करने के बाद लगातार जांच और कार्रवाई का दौर चलता रहता है, जिससे मंदिर की छवि भी खराब होती है. बाहर से आए श्रद्धालुओं, दर्शनार्थियों में भी अच्छा संदेश नहीं जाता है, ऐसे में अब और भी कड़े नियम बना दिए गए हैं.
पुजारी पुरोहितों और उनके प्रतिनिधियों से लेकर सेवकों के आईडी कार्ड बनाकर उन्हें वितरित किए जाएंगे. गले में आईडी कार्ड डालकर ही मंदिर में प्रवेश यह सभी लोग कर पाएंगे जिससे कि सभी की पहचान आसान हो जाएगी. विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर मंदिर में पुजारी, पुरोहित, सेवक और उनके प्रतिनिधियों से लेकर ऐसे सभी पूजा पाठ के कार्यों में संलग्न व्यक्तियों को पहचान पत्र के साथ ही प्रवेश करने के निर्देश मंदिर प्रबंध समिति द्वारा जारी किए गए हैं.
नवभारत ने उठाया था मुद्दा
नवभारत द्वारा कई बार महाकाल मंदिर की अवस्थाओं को लेकर खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की गई उसके बाद महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने यह व्यवस्था बनाई गई है.
बाले-बाले रुपए लेकर दर्शन पूजन भस्मआरती बुकिंग
अवैधानिक तौर पर रुपए लेकर दर्शन कराने, भस्म आरती बुकिंग से लेकर श्रद्धालुओं के साथ ठगी करने के मामले आए दिन सामने आ रहे थे, जिसको लेकर अंकुश लगाने के लिए यह निर्णय लिया गया है.
समिति के सदस्य ने रखा प्रस्ताव
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सदस्य राजेंद्र शर्मा ने नवभारत से चर्चा में बताया कि व्यवस्थाएं बनाने के लिए कई बार मीटिंग में भी ऐसे सुझाव मैंने पहले भी दिए. जिस प्रकार से हाल ही में 8500 रुपये भस्म आरती के नाम पर ले लिए उसके बाद एक बार फिर मैंने यह व्यवस्था बनाने के लिए समिति में सुझाव रखा. ऐसे में मंदिर के अधिकृत पुजारी पुरोहित प्रतिनिधि और उनके सेवक पहचान पत्र धारण करके ही मंदिर में प्रवेश करेंगे. बिना पहचान पत्र के कोई प्रवेश नहीं कर पाएगा. सभी के पास पहचान पत्र होंगे तो ऐसे सभी व्यक्तियों को पहचानना आसान होगी. मंदिर में यदि वे सेवाएं देना चाहते हैं तो परिचय पत्र के साथ ही आना होगा.
16 पुजारी 22 पुरोहित
महाकाल मंदिर में दर्शन, पूजन, भस्म आरती अनुमति के नाम पर जिस प्रकार से लगातार ठगी के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में इन पर अंकुश लगाना बहुत जरूरी प्रतीत हो रहा था. महाकालेश्वर मंदिर में 16 पुजारी 22 पुरोहित हैं. वहीं एक पुजारी पुरोहित के तीन-तीन प्रतिनिधि और उनके कई सारे सेवक भी हैं, जिनकी वजह से महाकाल मंदिर में अवस्थाएं फैलती है. कौन कब किससे कितने रुपए ले रहा है, दर्शन पूजन के नाम पर ठगी कर रहा है, इसकी जानकारी आसानी से नहीं मिल पाती है. परिचय पत्र जारी करने के बाद अब एकरूपता दिखाई देगी
