ग्वालियर: राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय दिवस विद्यार्थियों के लिए व्यक्तित्व विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संचार कौशल, तनाव प्रबंधन और समय प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
कम्युनिकेयर ट्रेनिंग एंड कंटेंट सॉल्यूशन के विशेषज्ञ संजीव राणे एवं कुशल राउत ने विद्यार्थियों को प्रभावी संवाद की तकनीक, कार्यस्थल पर तनाव को नियंत्रित करने के उपाय तथा समय का सुनियोजित उपयोग करने के व्यावहारिक सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सफल करियर के लिए व्यवहारिक दक्षता और आत्मविश्वास भी अत्यंत आवश्यक है।
यह कार्यक्रम अनुसूचित जाति वर्ग के स्नातक, स्नातकोत्तर तथा डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि वे अपनी उपाधि के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास पर भी समान ध्यान दें, ताकि प्रतिस्पर्धी परिवेश में स्वयं को बेहतर ढंग से स्थापित कर सकें। वक्ताओं ने उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से विषयों को सरल और सहज रूप में समझाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता डॉ. वाई. पी. सिंह ने की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता विकसित करने में सहायक होते हैं। इस अवसर पर डॉ. एच. एल. खपेडिया, डॉ. मनोज कुमार तरवरिया, डॉ. देवेंद्र कुमार इनवाती, डॉ. दीपक वर्मा, डॉ. रविंद्र सोलंकी तथा हरिमोहन जाटव सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों से परिचित कर उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना था।
