तिरुवनंतपुरम, 20 फरवरी (वार्ता) केरल के दूर-दराज जनजातीय इलाकों में स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को मजबूत करने के लिए पहला जनजातीय बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य केन्द्र मलप्पुरम जिले की चालियार ग्राम पंचायत के वलमथोडे में शुरु किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने इसे एक बड़ी पहल बताते हुए कहा कि केन्द्र का मुख्य उद्देश्य दूर-दराज के जनजातीय इलाकों में अलग-अलग सरकारी विभागों की ज़रूरी सेवाओं को एक ही छत के नीचे लाना है।
यह केन्द्र स्वास्थ्य, आईसीडीएस, आईटीडीपी और स्थानीय स्वशासन जैसे विभागों के मिले-जुले समर्थन से काम करेगा। लगातार प्राथमिक देखभाल और जन स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए एक नर्स को नियुक्त किया जाएगा।
इसके अलावा, ऊरुमित्रम , आशा कार्यकर्ता और वलमथोड इलाके की आदिवासी बस्तियों के आंगनवाड़ी स्टाफ समेत ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ता , आउटरीच और सेवा आपूर्ति को मज़बूत करने के लिए केन्द्र के साथ मिलकर काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि वलमथोड एक पहाड़ी और जंगल वाला इलाका है जो मलप्पुरम और कोझिकोड ज़िलों के सीमा पर चलियार पंचायत में है। वेंडेकुम्पोयिल, अंबुमाला, सुप्रीम नगर, थोट्टापल्ली, नयादमपोयिल और कंडिलप्पारा जैसी दूर की बस्तियों के आदिवासी लोगों को अभी चलियार परिवार स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुँचने के लिए लगभग 37 किलोमीटर का सफ़र तय करना पड़ता है।
सरकार ने आदिवासी बस्तियों के पास आसानी से मिलने वाली और पूरी स्वास्थ्य देखभाल सेवा तय करने के लिए 67.5 लाख रुपये की लागत से यह केन्द्र बनाया है। इस पहल से इलाके में आने-जाने का बोझ काफी कम होने और स्वास्थ्य के नतीजों में सुधार होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के अलावा यह केंद्र जनजातीय युवाओं को स्व-रोजगार प्रशिक्षण और सरकारी/निजी क्षेत्र में नौकरी पाने में मदद करेगा एवं विभिन्न सामाजिक और आर्थिक कल्याण योजनाओं के बारे में जानकारी प्रसारित करने के लिए एक ‘एकल खिड़की’ केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
