प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति से की टेलीफोन पर बातचीत, कश्मीर मुद्दे पर भारत के रुख को स्पष्ट किया; पुलवामा हमले के बाद के घटनाक्रमों पर भी हुई चर्चा।
नई दिल्ली, 18 जून (वार्ता): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलीफोन पर बात की है, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले और कश्मीर मुद्दे पर भारत के रुख को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से दो टूक शब्दों में कहा कि भारत ने न कभी कश्मीर मुद्दे पर किसी की मध्यस्थता स्वीकार की थी, और न ही कभी करेगा। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब कश्मीर में आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को लेकर विभिन्न बयान सामने आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह बातचीत पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की स्थिति, क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों और भारत की आंतरिक सुरक्षा चिंताओं पर केंद्रित रही। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को पुलवामा हमले के बाद के घटनाक्रमों और आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति से भी अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इस पर किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह बातचीत भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उसके अडिग रुख को दर्शाती है, खासकर जब पड़ोसी देशों से लगातार घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों का खतरा बना हुआ है। प्रधानमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी भारत की स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लग गया है।

