सतना :फर्जी वारिसाना और ऋण पुस्तिका तैयार कर आदिवासियों की बेशकीमती जमीन हड़पने वाले पटवारी और बिचौलियों के विरुद्ध शकंजा कसते हुए आर्थिक अपराध शाखा रीवा द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज करते हुए जांच तेज कर दी गई है.मैहर जिले के ग्राम भदनपुर में यह फर्जीवाड़ा लगभग 3.500 हेक्टेयर आदिवासियों की बेशकीमती जमीन पर किया गया. इस फर्जीवाड़े में बिचौलियों द्वारा अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी मैहर को लगभग 2.5 करोड़ रु में जमीन बेची गई. लेकिप वास्तविक भूस्वामियों को जमीन देने के बदले में फूटी कौड़ी भी नहीं मिली.
मामला उजागर होने पर शिकायत आर्थिक अपराध शाखा रीवा तक पहुंच गई. जिसके आधार पर जब ईओडब्लू द्वारा विवेचना शुरु की गई तो यह जानकारी सामने आई कि भदनपुर दक्षिण पट्टी की लगभग 3.50 हेक्टेयर कृषि भूमि जो वर्ष 10-11 तक राजस्व अभिलेख में राम सिंह गोड़ के नाम दर्ज थी. उस भूमि को तत्कालीन पटवारी और बिचौलियों द्वारा वर्ष 12-13 में उसके पुत्र राजेंद्र सिंह के नाम पर वारिसानी करा दिया. यह जानकारी किसी भी सक्षम राजस्व अधिकारी को भी नहीं दी गई.
जबकि उस दौरान न सिर्फ राम सिंह गोड़ जीवित थे बल्कि उनके 2 पुत्र और 3 पुत्रियां थीं. इतना ही नहीं बल्कि राजेंद सिंह की जमीन पर त्रण दिलाने के नाम पर उसे धोखे में रखते हुए सलैया निवासी शोभा कोल और खरौंधी निवासी बैजनाथ कोल के नाम पर राजस्व अभिलेख में दर्ज करा दिया गया. जिसके बाद यह दोनों भूमि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी मैहर को 2.5 करोड़ रु में बेच दी गई. जिसकी जानकारी न तो राजेंद्र को हो सकी और न ही उक्त भूमि के बदले उन्हें कोई धनराशि ही मिली.
आरोपियों में 8 नामजद
ईओडब्लू रीवा से मिली जानकारी के अनुसार जमीन के फर्जीवाड़े के मामले में जिन 8 नामजद आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है उनमें तत्कालीन पटवारी हल्का भदनपुर दक्षिण पट्टी अशोक सिंह, शोभा प्रसाद कोल, बैजनाथ कोल, दीपक लालवानी, गोपाली उर्फ गोपाल आसवानी, अज्जू उर्फ अजय सावलानी, कमला उर्फ प्रदीप कुमार सेन और रामप्रकाश जायसवाल सम्मिलित हैं. इसके साथ ही अन्य संबंधित राजस्व अधिकारी और अन्य संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भी प्रकरण दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है
