इटारसी। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस इंजीनियर्स द्वारा विकसित एक नवाचार को देश के पावर सेक्टर में महत्वपूर्ण मान्यता मिली है। इस नवाचार के प्रमुख सूत्रधार एमपी ट्रांसको इटारसी में पदस्थ सहायक अभियंता आशुतोष राय रहे, जिन्होंने इसे सर्वप्रथम इटारसी क्षेत्र में विकसित कर सफलतापूर्वक लागू किया। अब यह नवाचार पूरे देश में लागू हो सकता है।
भारत सरकार के केंद्रीय सिंचाई एवं विद्युत बोर्ड (सीबीआईपी) एवं सिगरे इंडिया द्वारा नई दिल्ली में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में इस नवाचार से संबंधित शोधपत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें इटारसी के इंजीनियर आशुतोष राय सहित एमपी ट्रांसको की टीम शामिल रही। यह नवाचार ट्रांसमिशन लाइनों में पिट आधारित अर्थिंग द्वारा टीएफआर सुधार से संबंधित है, जिसका प्रयोग सबसे पहले इटारसी क्षेत्र की पुरानी ट्रांसमिशन लाइनों पर किया गया। इसके माध्यम से दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली के दौरान होने वाली ट्रिपिंग एवं ब्रेकडाउन की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे इटारसी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ी है।
इस नवाचार की सफलता को देखते हुए इसे देश के अन्य पावर संस्थानों के लिए अनुकरणीय बताया गया है। साथ ही इस शोधपत्र को प्रतिष्ठित पावर मैगजीन सिगरे इंडिया में प्रकाशन के लिए भी चयनित किया गया है।
इटारसी केंद्र से विकसित इस उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं एमपी ट्रांसको प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने इंजीनियर आशुतोष राय को बधाई दी है। वहीं स्थानीय स्तर पर इसे इटारसी के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
