
सौसर। सौसर क्षेत्र में इन दिनों कोचिंग सेंटरों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। विडंबना यह है कि इनमें से अधिकांश केंद्र बिना किसी वैध पंजीयन और सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं। ये केंद्र न केवल छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं, बल्कि पालकों से मनमानी फीस वसूल कर उनकी जेब भी खाली कर रहे हैं।
*पंजीयन के नाम पर महज खानापूर्ति*
एक जानकारी के मुताबिक विकास खंड शिक्षा कार्यालय के रिकॉर्ड में पूरे क्षेत्र के महज आठ कोचिंग सेंटर ही रजिस्टर्ड हैं। जबकि हकीकत में सौसर शहर सहित बोरगांव, लोधीखेड़ा, पिपला नारायणवार, मोहगांव और रामाकोना जैसे ग्रामीण अंचलों में भी गलियों-गलियों में कोचिंग सेंटर ही गये हैं। बिना पंजीयन संचालित ये संस्थान खुलेआम राजस्व की चोरी कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की नजर इन पर नहीं पड़ रही।
*सुरक्षा के शून्य इंतजाम, फीस का कोई मापदंड नहीं*
इन कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। अधिकांश सेंटर तंग कमरों में चल रहे हैं, जहाँ न तो आग से निपटने के साधन हैं और न ही आपातकालीन निकासी का कोई रास्ता। वहीं, फीस को लेकर कोई निश्चित मापदंड नहीं अपनाए जा रहे हैं। मनमर्जी से वसूली जा रही मोटी फीस के कारण पालक परेशान है।
इधर, महीनों से इन सेंटरों की जांच नहीं हुई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत या सुस्त रवैये के कारण इन अवैध संचालकों के हौसले बुलंद हैं। समय रहते अगर जांच नहीं की गई, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
