
ग्वालियर। डकैतों की शरणस्थली के रूप में देश और दुनिया में चर्चित चंबल के बीहड़ में अब बाघ के नन्हे “शावक” की किलकारी गूंज रही है। चंबल के बीहड़ में स्थित धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में एक बाघिन ने एक नन्हे शावक को जन्म दिया है। इसके बाद धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर अब दस हो गई है। देश एवं प्रदेश के वन एवं पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक सुखद खबर है। धौलपुर–करौली टाइगर रिज़र्व में बाघिन टी-117 ने शावक को जन्म दिया है। अब पर्यटकों को इस रिजर्व क्षेत्र में अधिक टाइगर देखने को मिलेंगे। वहीं, यह रिज़र्व क्षेत्र में बाघों के सफल संरक्षण और अनुकूल आवास का सकारात्मक संकेत भी है। बाघिन टी-117 व उसका शावक धौलपुर- करौली टाइगर रिज़र्व के जंगलों में देखे गए हैं। वन विभाग के कैमरे में बाघिन टी-117 अपने नवजात शावक के साथ जंगल में विचरण करती हुई देखी गई है। जंगल मे बाघिन बादली टी-117 के साथ शावक देखे जाने के बाद मूवमेंट स्थल पर कड़ी निगरानी बढाकर वनकर्मियों की टीम तैनात कर दी गई हैं।
