गैस त्रासदी: पुराने हादसे की नई चिंता, सर्वे ने दिखाई गंभीर तस्वीर

भोपाल। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री क्षेत्र में बीते हादसे का असर आज भी स्थानीय आबादी के स्वास्थ्य पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। संभावना ट्रस्ट क्लिनिक द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में संकेत मिले हैं कि फैक्ट्री से तीन किलोमीटर की परिधि में रहने वाले लोगों के बीच कैंसर के मामलों की संख्या शहर के अन्य इलाकों की तुलना में अत्यधिक अधिक है। ट्रस्ट ने पत्रकार वार्ता में बताया कि

सर्वे में सामने आया कि जेपी नगर, कैंची छोला और काजी कैंप जैसे मोहल्लों में रहने वाले गैस प्रभावित परिवारों में कैंसर के मरीजों का अनुपात सामान्य क्षेत्रों की अपेक्षा लगभग 13 गुना तक दर्ज किया गया। यह आंकड़ा इस बात की ओर इशारा करता है कि औद्योगिक दुर्घटना के प्रभाव केवल तत्काल नहीं, बल्कि पीढ़ियों तक स्वास्थ्य पर असर छोड़ सकते हैं।

क्लिनिक के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक लगभग 21 हजार से अधिक प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच और निगरानी के दौरान 334 ऐसे मरीज चिन्हित किए गए जिन्हें कैंसर से जूझते पाया गया। चिंताजनक पहलू यह भी है कि इनमें युवा और बच्चे भी शामिल हैं, जिससे बीमारी के दायरे के व्यापक होने की आशंका गहराती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण, रसायनों के संपर्क और सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं इस स्थिति को और जटिल बना सकती हैं। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, जागरूकता अभियान और विशेष चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता को बेहद जरूरी बताया जा रहा है, ताकि प्रभावित समुदाय को समय पर उपचार और राहत मिल सके।

यह रिपोर्ट एक बार फिर उस त्रासदी की याद दिलाती है, जिसकी गूंज दशकों बाद भी शहर के कुछ हिस्सों में लोगों के जीवन और स्वास्थ्य पर महसूस की जा रही है।

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