विनिर्माण, छोटे उद्योगों को समर्थन देने के लिए ब्रिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र में शामिल हुआ भारत

नयी दिल्ली, 04 फरवरी (वार्ता) भारत बुधवार को ब्रिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र (बीसीआईसी) में शामिल हो गया, जिससे देश के सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विकास में मदद मिलेगी।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा यहां वाणिज्य भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत बीसीआईसी का सदस्य बना। यह केंद्र संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) के साथ साझेदारी में ब्रिक्स देशों में विनिर्माण कंपनियों और एमएसएमई को एकीकृत सहायता सेवाएं प्रदान करने करता है। इसका मुख्य उद्देश्य उद्योग 4.0 की दक्षताओं को मजबूत करना है।

डीपीआईआईटी के आर्थिक सलाहकार अग्रिम कौशल और यूएनआईडीओ के निदेशक क्रिस्टियानो पासिनी ने एक ट्रस्ट फंड समझौते पर हस्ताक्षर किये जिसके तहत बीसीआईसी ढांचे में भारत की भागीदारी को औपचारिक रूप दिया गया।

भारत में राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) को ब्रिक्स औद्योगिक दक्षताओं के केंद्र के रूप में नामित किया गया है। एनपीसी उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग के नीतिगत मार्गदर्शन और यूएनआईडीओ के तकनीकी सहयोग से ब्रिक्स औद्योगिक दक्षताओं के साथ देश की सहभागिता का नेतृत्व करेगा और क्षमता निर्माण, उत्पादकता वृद्धि और उन्नत विनिर्माण पद्धतियों को अपनाने में योगदान देगा।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डीपीआईआईटी के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने की। इसमें एनपीसी की महानिदेशक नीरजा शेखर के अलावा डीपीआईआईटी, एमएसएमई मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, यूएनआईडीओ तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

 

 

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