नयी दिल्ली, 04 फरवरी (वार्ता) कांग्रेस महासचिव तथा पार्टी सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है और सरकार मनमानी कर देश की जनता का निरादर कर रही है। श्रीमती वाड्रा ने बुधवार को संसद भवन परिसर में कांग्रेस सांसदों के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार मनमर्जी से काम कर रही है। उनका कहना था कि जब सरकार चाहती है कि सदन को डिस्टर्ब करना है, तो वो वह भाजपा सदस्य निशिकांत दुबे को बोलने के लिए उठा देती है। उन्होंने कहा “जहां विपक्ष के नेता राहुल गांधी को संसद में एक छपी हुई किताब से कोट नहीं करने दिया गया, वहीं भाजपा के निशिकांत दुबे छह किताबें लेकर बैठे हैं। सामने से दिखा रहे हैं, उनमें से कोट कर रहे हैं, लेकिन उनका माइक बंद नहीं किया जा रहा है। मोदी सरकार दिखाना चाहती है कि संसद में सिर्फ उन्हीं की चलती है। ये स्पीकर के पद, संसद, लोकतंत्र और देश की जनता का निरादर है। विपक्ष के नेता कोई एक व्यक्ति नहीं हैं- वे पूरे विपक्ष के प्रतिनिधि हैं। मतलब सरकार उन करोड़ों लोगों का मुंह बंद करना चाहती है, जिन्होंने विपक्ष के सांसदों को वोट दिया है।”
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि एक तरफ नेता विपक्ष को बोलने से रोका जाता है, वहीं दूसरी तरफ किसी को खड़ाकर तमाम फिजूल की बातें बुलवाई जाती हैं। सदन में बार-बार नेहरू जी का नाम लिया जाता है। ये सनक है, जिससे देश का ध्यान भटकाया जा रहा है। मोदी सरकार चाहती है कि लोगों को पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे जी की लिखी बातें न पता चलें। उन्होंने कहा कि पुस्तक में लिखा है “जब चीन की सेना हमारी सरहद पर थी, तो सत्ता में बैठे लीडर निर्णय ही नहीं ले पा रहे थे कि अब क्या करना है। दो घंटे बाद सरकार ये निर्णय देती है कि आप खुद ही निर्णय ले लो और भाजपा के यही लोग इंदिरा गांधी जी और इतिहास की बातें करते हैं।। ऐसा संसद के इतिहास में कभी नहीं हुआ। ये लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है, अधिकारों का हनन है। मोदी सरकार की इस तानाशाही के खिलाफ विपक्ष के सांसदों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।”

