श्रीनगर, (वार्ता) जम्मू कश्मीर में सांसद इंजीनियर राशिद के नेतृत्व वाले अवामी इतिहाद पार्टी (एआईपी) ने रविवार को कहा कि पार्टी ने सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें सरकार की पुनर्वास नीति के तहत पाकिस्तान से लौटेऔर केंद्र शासित प्रदेश में बसे महिलाओं एवं बच्चों के लिए नागरिकता तथा कानूनी दर्जे की मांग की गयी है।
एआईपी ने एवं विधायक शेख खुर्शीद ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कई सालों से केंद्र शासित प्रदेश में रहने के बावजूद इनमें से कई परिवार नागरिकता या कानूनी पहचान के बिना हैं, जिससे उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य , नौकरी के मौके और पहचान के कागजात जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं। प्रस्ताव में जम्मू कश्मीर सरकार और केंद्र सरकार दोनों से इन लोगों को नागरिकता या सही कानूनी दर्जा देने और पहचान के कागजात जारी करने के साथ ही उनके लिए सम्मान, सुरक्षा और संवैधानिक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
उन्होंने बताया कि डेटा के मुताबिक 2010 में उमर अब्दुल्ला के कार्यकाल में घोषित पुनर्वास नीति के तहत करीब 400 पाकिस्तानी महिलाएं अपने पतियों के साथ कश्मीर आयी हैं।
श्री खुर्शीद ने कहा कि 24 जनवरी को उन्होंने खुद मुख्यमंत्री को एक पत्र दिया था, जिसमें उनसे आने वाले विधानसभा सत्र में जेल में बंद डोडा के विधायक मेहराज मलिक के हिस्सा लेने पर विचार-विमर्श करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया गया था।
