
रतनगढ़। डाक बंगला चौराहा उस वक्त गोली की आवाज़ से दहल उठा, जब सेंट्रल बैंक की कैश डिलीवरी वैन में तैनात गार्ड मांगीलाल धाकड़ को उसकी ही लोडेड 12 बोर बंदूक से गोली लग गई। यह हादसा न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अचानक दबा ट्रिगर, कूल्हे में धंसी गोली
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गार्ड मांगीलाल धाकड़, निवासी जिला रतलाम, की 12 बोर गन अचानक फायर हो गई। बताया जा रहा है कि लोडेड गन का सेफ्टी बटन अपने आप दब गया, जिससे गोली सीधे उसके कूल्हे में जा लगी और वह मौके पर ही लहूलुहान हो गया।
नीमच रेफर, जावी के पास मौत
घायल अवस्था में मांगीलाल धाकड़ को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर की अनुपस्थिति के चलते इलाज नहीं मिल सका। हालत बिगडऩे पर उसे नीमच रेफर किया गया, लेकिन जावी के आसपास रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
डॉक्टर नदारद, ग्रामीणों में उबाल
घटना के बाद यह तथ्य सामने आया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ चिकित्सक प्रांकुर यादव मौके पर मौजूद नहीं थे।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय पर प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो शायद मांगीलाल की जान बच सकती थी। इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
