बालाघाट नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ भ्रष्टाचारों के आरोपों की जांच 90 दिन में पूरी करें सरकार

जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने बालाघाट निवासी तथा पार्षद केवल सोनेकर सुधीर चिले सौरभ जैन एवं राज हरिनखेरे के द्वारा दायर याचिका की सुनवाई पश्चात राज्य शासन को निर्देशित किया है की याचिका कर्ताओं द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपी की जांच राज्य सरकार 90 दिन के अंदर कर यदि आरोप सही साबित होते हैं तो जांच पूर्ण कर धारा 41 अ नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत अध्यक्ष को हटाने की कार्रवाई करें। याचिका में आरोप लगाया गया कि बालाघाट नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती ठाकुर द्वारा स्वयं आदेश पारित कर विधि विरुद्ध रूप से रैन बसेरा का फर्नीचर स्वयं के उपयोग में अपने घर में उपयोग कर नगर पालिका को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। इसी प्रकार अध्यक्ष ने निजी वाहन इनोवा क्रिस्टा जिसकी फ्यूल कैपेसिटी 55 लीटर है एक बार में अनेक बार 70 लीटर से ज्यादा डीजल भरवां कर नगर पालिका निधि का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया है। अध्यक्ष द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के गीत को भी परिवर्तित नगर पालिका निधि से किया है। इन सभी भ्रष्ट आचरण की शिकायत शासन को की गई परंतु शासन ने कोई कार्यवाही नहीं की। याचिका कर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष त्रिवेदी आनंद शुक्ला अपूर्व त्रिवेदी ने पैरवी की।

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