येरूशलम/तेहरान/न्यूयॉर्क, 24 जून (वार्ता) ईरान के प्रेस टीवी ने मंगलवार को ये दावा किया कि इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष विराम शुरू हो गया है। इसके बावजूद इजरायल पर ईरानी मिसाइल हमले जारी हैं।
इजरायली सेना ने स्थानीय समयानुसार आज तड़के करीब पांच बजे एक बयान में बताया कि ईरानी मिसाइल हमलों को बेकार करने की कार्रवाई की जा रही है हांलाकि इन हमलों का समय नहीं बताया गया। इजरायल के कई इलाकों में सायरनों की आवाज सुनाई देती रही जो लगातार मिसाइल हमलों का संकेत है। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया है कि ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइलें दागी हैं।
इजरायली हवाईअड्डे के अधिकारियों ने बताया कि बढ़ते तनाव को देखते हुये फिलहाल हवाईअड्डों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार शाम अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ पर एक पोस्ट में लिखा था कि इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम का औपचारिक समझौता हो गया है जिसके अनुसार ईरान को पहले हमला रोकना है। उन्होंने इस समझौते को 12 दिनों के युद्ध का अंत बताया। श्री ट्रम्प ने कहा कि युद्धविराम शुरू में 12 घंटों के लिए लागू होगा जिसके तहत दोनों के पक्षों को ‘शांति और सम्मान’ की स्थिति बनाये रखनी होगी। श्री ट्रम्प ने कहा, अगर दोनों पक्ष युद्धविराम करते हैं तो यह सराहनीय होगा कि दोनों देशों ने ‘12 दिवसीय युद्ध’ को खत्म करने का साहस और बुद्धिमत्ता दिखाई।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग्ची ने बताया कि ईरान और इजरायल के बीच कोई औपचारिक संघर्षविराम समझौता नहीं हुआ है लेकिन उन्होंने कहा कि अगर पहले इजरायल हमले चार बजे बंद कर देता है, तो वह भी जवाबी कार्रवाई रोकने को तैयार है। श्री अराग्ची ने कहा कि सैन्य कार्रवाई रोकने का अंतिम निर्णय बाद में लिया जायेगा।
इससे कुछ घंटे पहले एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने सीएनएन को बताया था कि ईरान को अमेरिका की ओर से कोई औपचारिक संघर्षविराम प्रस्ताव नहीं मिला है और इसलिए संघर्ष रोकने का कोई कारण नहीं दिखता। एक ईरानी अधिकारी ने कहा है, “इस वक्त दुश्मन ईरान पर हमला कर रहा है और ईरान जवाबी हमला करने के लिए तत्पर है। ” उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के नेताओं की बातें ‘झूठ और धोखे’ के रूप में देखी जायेगी, जिनका मकसद ईरान पर और हमले को सही ठहराना है।
युद्धविराम को लेकर अलग-अलग दावों ने इसकी व्यवहारिकता और स्थायित्व पर सवाल खड़े कर दिये हैं क्योंकि सोमवार रात तक न तो इजरायली और न ही ईरानी अधिकारियों ने किसी समझौते की पुष्टि की थी। इसके अलावा, व्हाइट हाउस और पेंटागन की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह स्पष्ट नहीं है कि युद्धविराम से जुड़ी कोई बात कूटनीतिक चैनलों के ज़रिये साझा हुये है या दोनों पक्ष उसे मानने को तैयार हैं।
