सीहोर. चुपाडिय़ा गांव में खोली गई शराब की दुकान बंद करा दीजिए. नशा करने के लिए हमारे पति मारपीट करते है, घर ग्रहस्थी का समान अनाज भी बेच देते है, शराब ने जीवन खराब कर दिया है,युवा बच्चों के नए रिश्ते भी नहीं हो पा रहे हैं. यह बात मंगलवार को घूंघट में ग्राम चुपाडिय़ा से सरपंच सुनीता मुकेश परमाल के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची महिलाओं ने जनसुनवाई में मौजूद अफसरों से कहीं. महिलाओं ने बताया कि शराब का ठेका मुसीबत बना हुआ है बच्चों का स्कूल जाना, श्रद्धालुओं का मंदिर जाना, हाट बाजार जाना, बाहर के रिश्तेदारों का आना,मुश्किल हो गया है.सरपंच सुनीता परमाल ने कहा कि कई बार गांव से शराब दुकान हटाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित आवेदन दे चुके है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है. गांव की नंदलाल, सीमा, सुनीता, गेंदकुवर, विष्णु, कांता, गुड्डी, सुमित्रा, नर्मदा, सीमा, साजन, मधु, चांद बाई, कविता आदि ने प्रशासन से तत्काल ग्राम चुपाडिय़ा में खुली शराब दुकान बंद कराने की मांग की है.
शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची महिलाएं
