वॉशिंगटन | रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार वर्षों से जारी विनाशकारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पूरी कूटनीतिक ताकत झोंक दी है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की है कि ट्रंप ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम को दोनों देशों को वार्ता की मेज पर लाने की जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, फिलहाल राष्ट्रपति ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच किसी सीधी टेलीफोनिक बातचीत का कार्यक्रम तय नहीं है, लेकिन व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप हर छोटे-बड़े घटनाक्रम पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं और कूटनीति उनके विदेश नीति एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।
व्हाइट हाउस ने हाल ही में अमेरिकी विशेष दूतों द्वारा आयोजित बैठकों को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया है, क्योंकि इनमें युद्ध में शामिल दोनों पक्षों ने सक्रिय भागीदारी दर्ज की है। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य युद्धविराम के व्यावहारिक तरीकों पर चर्चा करना और एक ऐसी साझा सहमति बनाना है जो जानमाल के नुकसान को तुरंत रोक सके। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि सैन्य समाधान के बजाय राजनीतिक संवाद ही इस संकट का एकमात्र स्थायी रास्ता है। वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ रहे युद्ध के नकारात्मक प्रभावों को देखते हुए अमेरिका अब जल्द से जल्द एक ठोस समाधान निकालने की दिशा में बढ़ रहा है।
अमेरिकी सरकार का लक्ष्य एक ऐसा संतुलित राजनीतिक समाधान ढूंढना है जिससे यूरोप में शक्ति संतुलन बना रहे और वैश्विक तनाव में कमी आए। राष्ट्रपति के सलाहकार पर्दे के पीछे लगातार अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर बातचीत का माहौल तैयार कर रहे हैं। यद्यपि चौथे साल में प्रवेश कर चुका यह युद्ध दुनिया की तस्वीर बदल चुका है, लेकिन ट्रंप प्रशासन की नई रणनीतियों ने शांति की उम्मीदों को फिर से जीवित कर दिया है। व्हाइट हाउस की टीम लगातार नए शांति प्रस्तावों पर विचार कर रही है ताकि रूस और यूक्रेन दोनों को एक ऐसे समझौते पर राजी किया जा सके जो वैश्विक शांति के लिए हितकारी हो।

