अबू धाबी में रूस-यूक्रेन के बीच महा-मंथन, शांति समझौते पर सस्पेंस बरकरार; डोनबास के विवादित क्षेत्र को लेकर पुतिन और जेलेंस्की की शर्तों ने पैदा किया कूटनीतिक गतिरोध

अबू धाबी | संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिकी मध्यस्थों के बीच युद्ध विराम को लेकर चल रही त्रिपक्षीय बैठक शनिवार सुबह तक खिंच गई है। साल 2022 में इस्तांबुल वार्ता के बाद यह पहला मौका है जब तीनों पक्ष एक साथ मेज पर बैठे हैं। हालांकि, शुरुआती दौर की चर्चा के बाद नतीजे बहुत उत्साहजनक नहीं दिख रहे हैं। अमेरिकी मध्यस्थ इस चार साल पुरानी जंग को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों पर भारी कूटनीतिक दबाव बना रहे हैं, लेकिन ठोस समझौते के संकेत फिलहाल नदारद हैं।

शांति वार्ता की सबसे बड़ी बाधा क्षेत्रीय स्वायत्तता और कब्जाए गए इलाके बने हुए हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन डोनबास के डोनेत्स्क क्षेत्र के उस 20 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण चाहते हैं, जो अभी यूक्रेन के पास है। लगभग 5,000 वर्ग किलोमीटर के इस क्षेत्र को पुतिन युद्ध समाप्ति की अनिवार्य शर्त बता रहे हैं। दूसरी ओर, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने साफ कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेंगे और उन इलाकों को कतई नहीं छोड़ेंगे जिन्हें रूस सैन्य ताकत से नहीं जीत सका है।

यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन भीषण ठंड और ऊर्जा प्रणालियों के नष्ट होने के कारण गंभीर मानवीय संकट से जूझ रहा है। कीव सहित कई बड़े शहरों में बिजली बाधित है और तापमान शून्य से नीचे जा चुका है। जहां अमेरिका कूटनीतिक स्तर पर ट्रम्प के दूत के माध्यम से पुतिन के साथ संपर्क में है, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि यदि विवादित क्षेत्रों पर कोई सहमति नहीं बनी, तो युद्ध के और लंबा खिंचने की आशंका है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बैठक के अंतिम साझा बयान पर टिकी हैं।

Next Post

KSBKBT में तुलसी ने रणविजय के चंगुल से बचाई परी की जान; मिहिर को अपनी गलती पर हुआ पछतावा, नॉयना को मिली कड़ी फटकार और विरानी सदन में मची खलबली

Sat Jan 24 , 2026
मुंबई | टीवी के लोकप्रिय शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ (सीजन 2) में इन दिनों हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। आने वाले एपिसोड में तुलसी एक बार फिर विरानी परिवार की रक्षक बनकर उभरेगी। रणविजय ने परी को रसोई में बंद कर उसे जान से मारने की […]

You May Like