नयी दिल्ली 31 जनवरी (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि समाज के हर वर्ग तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है और अस्पताल, उपचार और दवा की व्यवस्था के कारण एक सामान्य परिवार में स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च निरंतर कम हो रहा है।
श्रीमती मुर्मु ने शुक्रवार को बजट सत्र से पहले संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में नागरिकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए एक लाख पचहत्तर हज़ार आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने हैं। कैंसर मरीज़ों की बढ़ती संख्या और इलाज में होने वाले खर्च को देखते हुए अनेक कैंसर दवाओं को आयात शुल्क से मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर के लिए अब तक लगभग नौ करोड़ महिलाओं की जांच की जा चुकी है।
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार के प्रयासों से दिमागी बुखार से लड़ने में देश को काफी सफलता मिली है। इससे होने वाली मृत्यु दर अब घटकर छह प्रतिशत रह गयी है। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी के मरीज़ों की संख्या भी घटी है। उन्होंने कहा, “ मेरा सभी देशवासियों और सांसदों से आग्रह है कि हम सब मिलकर टीबी मुक्त भारत के अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें।”
उन्होंने कहा कि भारत में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में भी व्यापक सुधार हुआ है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम की सही ट्रैकिंग रखने के लिए यू-विन पोर्टल शुरु किया गया है। इस पोर्टल पर अब तक लगभग तीस करोड़ वैक्सीन टीके दर्ज हो चुके हैं। टेली मेडिसिन के माध्यम से तीस करोड़ से अधिक ई–टेली- परामर्श से नागरिकों को स्वास्थ्य लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार अगले पाँच वर्षों में देश के मेडिकल कॉलेजों में 75 हज़ार नयी सीटों के सृजन के लिए भी काम कर रही है। सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और चिकित्सा उपकरण विनिर्माण को बढ़ावा दे रही है। देश में नए औषधि और चिकित्सा उपकरण पार्क भी बनाए जा रहे हैं।
