भोपाल: बसंत पंचमी के पांच दिवसीय पर्व से पहले मध्यप्रदेश के धार जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभूतपूर्व तैयारी की जा रही है। शुक्रवार को पर्व की शुरुआत और संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे शहर को छावनी में बदला गया है। भोजशाला और आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी 22 आईपीएस अधिकारियों को सौंपी गई है, जो केंद्रीय और राज्य बलों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे।
जबकिभोजशाला और आसपास के इलाके को हाई-सिक्योरिटी ज़ोन घोषित किया गया है। पुलिस मुख्यालय के आदेश पर 22 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कानून व्यवस्था की कमान संभालेंगे, जबकि बलों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए करीब 500 वाहन और बसें अधिग्रहित की गई हैं। मुख्य द्वार पर सीआरपीएफ की आठ कंपनियां, अश्वारोही दल और विशेष यूनिट तैनात रहेंगी।
शहर को छह सेक्टरों में बांटकर 65 एडीशनल एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर चौराहे पर सुबह से पुलिस बल मौजूद रहेगा और कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही तीन मिनट में फोर्स मौके पर पहुंचेगी। ड्रोन, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, वॉच टॉवर और मोबाइल पेट्रोलिंग से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रवेश मार्गों पर जिगजैग बैरिकेडिंग, अलग-अलग आवागमन रास्ते और पीछे के हिस्से में लोहे की मजबूत दीवार खड़ी की गई है। ग्रामीण और संवेदनशील इलाकों में भी अतिरिक्त बल तैनात किया गया है, जहां स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर लगातार भ्रमण होगा।स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। भोजशाला परिसर में मेडिकल टीमें, नजदीक इमरजेंसी कक्ष, जिला अस्पताल में आरक्षित वार्ड और निजी अस्पतालों से समन्वय किया गया है। वहीं बम निरोधक दस्ते ने सघन जांच के बाद परिसर को सुरक्षित घोषित किया है।
कानून-व्यवस्था को देखते हुए 18 से 27 जनवरी तक होटलों-धर्मशालाओं में नई बुकिंग पर रोक लगाई गई है। उधर, बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ने के कारण पूजा-नमाज की एक साथ समयबद्ध व्यवस्था का प्लान बनाया जा रहा है।
