जबलपुर: ड्रीमलेण्ड सिटी कठौंदा रिमझा में रचे गए षड़यंत्र से 10 वर्षों से 400 घरों में अंधकार छाया हुआ है। इसके अलावा पद का दुरुपयोग कर अविकसित काॅलोनी की गलत निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर शासन के पास बंधक रखे 35 प्लाट (भूखंड) विक्रय किए गए हैं। मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, जबलपुर ( ईओडब्ल्यू ) ने प्रो. बाबा रामदेव डेवलपर डायरेक्टर गणेश विठ्ठल दास चांडक पिता विठठलदास निवासी तालेगांव रोड आर्वी जिला वर्धा महाराष्ट्र, श्रीमति अर्चना दुबे पति विश्वराज दुबे 45 वर्ष, उपयंत्री परिक्षेत्र कार्यालय, ग्रामीण विकास विभाग जबलपुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
जानकारी के मुताबिक आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर को शिकायत मिली कि जबलपुर स्थित ड्रीमलेण्ड सिटी के डेवलपर द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों की मिलिभगत से काॅलोनी वासियों को मूलभूत सेवाओं से वंचित किया गया है। शिकायत जाँच पर पाया गया ड्रीमलेण्ड सिटी काॅलोनीवासियों द्वारा जिला कलेक्टर जबलपुर को भी जनसुनवाई के दौरान शिकायत की गई थी। जिसकी जांच तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी, कालोनी सेल द्वारा की गई थी।
जिसमें उनके द्वारा ड्रीमलेण्ड सिटी कठौंदा रिमझा में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की बात पाई थी। प्रतिवेदन आयुक्त नगर निगम को प्रस्तुत किया था। श्रीमती अर्चना दुबे द्वारा प्रस्तुत मौका निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया। तत्कालीन इंजीनियर द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उसके द्वारा बाबा रामदेव डेवलपर को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किये गये थे।
उक्त दोनों फेस में बिजली की लाइन लगी थी और न ही कोई ट्रांसफार्मर था। गणेश विठ्ठल दास द्वारा मौका निरीक्षणकर्ता अधिकारी, श्रीमती अर्चना दुबे, उपयंत्री के साथ आपराधिक षड़यंत्र रचकर व उपयंत्री द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर अविकसित कालोनी की गलत निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर, शासन के पास बंधक में रखे गये 35 भूखण्ड विक्रय कर शासन के विरुद्ध बेइमानीपूर्वक कृत्य किया जाना प्रमाणित पाया गया। आरोपीगण के इस कृत्य से भूखण्ड क्रय करने वाले व ड्रीमलैण्ड कालोनी वासियों को बिना स्थाई बिजली कनेक्शन के रहना पड़ रहा है। इस कृत्य और षड़यंत्र के कारण इस कालोनी के लगभग 400 मकानों में निवास कर रहे परिवार 10 वर्षों से जल बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
