कोलकाता/नयी दिल्ली, 18 जनवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि तृणमूल सरकार घुसपैठियों को संरक्षण देकर बंगाल और देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है क्योंकि ये घुसपैठिए उनके लिये पक्का वोट बैंक हैं।
श्री मोदी ने रविवार को हुगली में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में अवैध घुसपैठ, कानून-व्यवस्था की बदहाली, भ्रष्टाचार और केंद्र सरकार की योजनाओं को रोकने को लेकर मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए पूर्वी भारत का विकास बेहद जरूरी है और इसी सोच के साथ केंद्र सरकार निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा ” कल मैं मालदा में था और आज हुगली में आप सभी के बीच हूं। पिछले 24 घंटे पश्चिम बंगाल के रेल और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए ऐतिहासिक रहे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सिंगुर की जनसभा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का संकेत है कि पश्चिम बंगाल बदलाव चाहता है। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग 15 साल के महा-जंगलराज से मुक्ति चाहते हैं। जैसे बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने जंगलराज को रोका, वैसे ही बंगाल अब तृणमूल के महा-जंगलराज को विदा करने के लिए तैयार है।
श्री मोदी ने अवैध घुसपैठ को बंगाल की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि तृणमूल सरकार घुसपैठियों को खुली छूट दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल घुसपैठियों के समर्थन में धरने-प्रदर्शन तक करती है क्योंकि वह उनके लिए वोट बैंक हैं और सरकार को देश तथा बंगाल की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। यह सरकार घुसपैठियों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने बंगाल के युवाओं से विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि राज्य की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल शासन में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, शिक्षा व्यवस्था माफिया और भ्रष्टाचारियों के कब्जे में है। उन्होंने माताओं-बहनों से अपील की कि जब तक तृणमूल सत्ता में रहेगी, बच्चों को न अच्छी शिक्षा मिलेगी न अच्छी नौकरी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बंगाल के विकास और देश की सुरक्षा के लिए इस सरकार का जाना जरूरी है और इसके लिए भाजपा सरकार को बनाना ही एकमात्र रास्ता है।
श्री मोदी ने बताया कि पश्चिम बंगाल से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत हो चुकी है। इसके अलावा बंगाल को करीब आधा दर्जन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिली हैं, जिनमें से तीन ट्रेनें आज ही शुरू की गई हैं। इनमें एक ट्रेन उनके संसदीय क्षेत्र काशी को बंगाल से जोड़ने वाली है और अन्य ट्रेनें दिल्ली और तमिलनाडु के लिए चलाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि शायद पिछले 100 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है, जब 24 घंटे के भीतर बंगाल की रेल संरचना को लेकर इतने बड़े फैसले लिए गए हों।
प्रधानमंत्री ने बालागढ़ में बनने वाले एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम (समुद्री बंदरगाह के गेट को बंदरगाह से बढ़ाना) का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे हुगली और आसपास के क्षेत्रों में नए आर्थिक अवसर पैदा होंगे। कोलकाता शहर पर ट्रैफिक और लॉजिस्टिक का दबाव कम होगा और गंगा जलमार्ग के जरिए कार्गो मूवमेंट में तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बहु स्तरीय संपर्क और हरित चालन (ग्रीन मोबिलिटी) पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि बंदरगाह, नदी जलमार्ग, राजमार्ग और हवाई अड्डे एक-दूसरे से जुड़ें और किराया लागत तथा समय दोनों में कमी आए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल सरकार केंद्र की योजनाओं को जानबूझकर लागू नहीं होने देती। उन्होंने राजधानी दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी एक सरकार आयुष्मान भारत योजना को रोक रही थी, लेकिन जनता ने उसे सत्ता से बाहर कर दिया और अब दिल्ली में गरीबों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल में भी भाजपा की सरकार जरूरी है, ताकि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ सीधे गरीबों तक पहुंचे।
श्री मोदी ने कहा कि हुगली और ‘वंदे मातरम्’ का विशेष रिश्ता है, क्योंकि यहीं ऋषि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इसे पूर्ण स्वरूप दिया। उन्होंने कहा कि जैसे वंदे मातरम् आजादी का उद्घोष था, वैसे ही अब यह विकसित भारत का मंत्र बनेगा। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्तव्य पथ पर उनकी प्रतिमा, लाल किले से आज़ाद हिंद फौज को नमन और अंडमान में द्वीपों का नामकरण—ये सब भाजपा सरकार की राष्ट्रवादी सोच का प्रमाण हैं।
