नयी दिल्ली, 25 जनवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंदौर और उदयपुर को दुनिया के 31 मान्यता प्राप्त वेटलैंड (आर्द्र-भूमि) वाले शहरों की सूची में स्थान मिलने पर बधाई दी है।
श्री मोदी ने इस बारे में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मामलों के मंत्री भूपेन्द्र यादव के डिजिटल सोशल मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट पर अपनी टिप्पणी में कहा कि यह मान्यता सवस्थ विकास और प्रकृति तथा शहरी विकास के बीच सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “इंदौर और उदयपुर को बधाई! यह मान्यता सतत विकास और प्रकृति तथा शहरी विकास के बीच सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मेरी कामना है कि यह उपलब्धि सभी को हमारे देश में हरियाली, स्वच्छता और अधिक पर्यावरण के अनुकूल शहरी स्थान बनाने की दिशा में काम करते रहने के लिए प्रेरित करे।”
श्री यादव ने एक्स पर कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत में पहली बार, मध्य प्रदेश में इंदौर और राजस्थान में उदयपुर दुनिया के 31 वेटलैंड मान्यता प्राप्त शहरों की सूची में शामिल हो गए हैं – जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी को संरेखित करते हुए आगे बढ़ने के दृष्टिकोण का प्रमाण है।”
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इंदौर, भोपाल और उदयपुर शहरों के लिए आर्द्रभूमि पर रामसर कन्वेंशन के तहत आर्द्रभूमि शहर मान्यता (डब्ल्यूसीए) के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे। भारत अनुबंध करने वाले पक्षों में से एक है और रामसर कन्वेंशन के तहत कुल 75 आर्द्रभूमि स्थलों की घोषणा कर चुका है। वर्ष 1971 में रामसर (ईरान) में हुए सम्मेलन में हुए समझौते के अनुसार हस्ताक्षरित अंतर-सरकारी संधि जो आर्द्रभूमि और उनके संसाधनों के संरक्षण और बुद्धिमानी से उपयोग के लिए रूपरेखा प्रदान करती है।
रामसर कन्वेंशन के तहत डब्ल्यूसीए योजना का उद्देश्य शहरी और अर्ध-शहरी आर्द्रभूमि के संरक्षण और बुद्धिमानी से उपयोग को बढ़ावा देना है, साथ ही स्थानीय आबादी के लिए स्थायी सामाजिक-आर्थिक लाभ भी प्रदान करना है।
वर्ष 2015 में आयोजित पेरिस में हुए जलवायु सम्मेलन कॉप12 के दौरान रामसर कन्वेंशन ने एक स्वैच्छिक डब्ल्यूसीए प्रणाली को मंजूरी दी, जो उन शहरों को मान्यता देती है जिन्होंने अपनी शहरी आर्द्रभूमि की सुरक्षा के लिए असाधारण कदम उठाए हैं।
