मालदा, 17 जनवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
श्री मोदी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से पहले यहां विद्यार्थियों से बात भी की। इस दौरान कुछ विद्यार्थियों ने श्री मोदी को पेंटिंग भेंट कीं। प्रधानमंत्री ने ट्रेन में केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों से बातचीत की।
इससे पूर्व, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि ‘आधुनिक भारत की बढ़ती परिवहन ज़रूरतों’ को पूरा करने के लिए बनायी गयी पूरी तरह से वातानुकूलित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को किफायती किराये पर एयरलाइन जैसा यात्रा का अनुभव देगी। यह लंबी दूरी की यात्राओं को तेज़, सुरक्षित और ज़्यादा सुविधाजनक बनायेगी। बयान में कहा गया कि यह ट्रेन हावड़ा-गुवाहाटी (कामाख्या) रूट पर यात्रा का समय लगभग 2.5 घंटे कम करेगी और धार्मिक यात्रा एवं पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा देगी। यह ट्रेन अपना पूरा सफर 14 घंटे में पूरा करेगी।
रेलवे मंत्रालय के बयान के अनुसार यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है। वंदे भारत शृंखला की स्लीपर ट्रेनों को लंबी दूरी की यात्राओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। हावड़ा-गुवाहाटी मार्ग पर चलने वाली सरायघाट एक्सप्रेस जहां पूरे सफर में 17 घंटे लेती है, वहीं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निर्धारित समय 14 घंटे होगा।
स्लीपर ट्रेनसेट में 16 वातानुकूलित कोच हैं, जिसमें एक एसी फर्स्ट क्लास, चार एसी टू-टियर और 11 एसी थ्री-टियर शामिल हैं। ट्रेन की कुल क्षमता लगभग 823 यात्रियों की है। आधिकारिक बयान के अनुसार, स्वदेशी रूप डिज़ाइन की गयी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने कोटा-नागदा मार्ग पर किये गये हाई-स्पीड ट्रायल में 180 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ ली थी।
