उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और उज्जैन मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों को लेकर गुरुवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभागृह में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने अधोसंरचना, सड़कों, ब्रिज और पाइपलाइन से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
सिंहस्थ मेला अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर देरी या तकनीकी समस्या होने पर तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाए, ताकि समय पर समाधान हो सके और कार्य तय समय-सीमा में पूरे हों। उन्होंने निर्माण स्थलों पर गुणवत्ता परीक्षण के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध रखने और सभी कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
लापरवाह अफसरो के खिलाफ जांच
देवास रोड से नागझिरी तक सड़क निर्माण के साथ नगर निगम पीएचई की पाइपलाइन डाली जानी थी, बावजूद समय पर पाइपलाइन कार्य नहीं होने से सड़क निर्माण में विलंब हुआ। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए मेला अधिकारी ने नगर निगम पीएचई विभाग के ईई और एई के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए। साथ ही सिंहस्थ से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए।
ब्रिज का लोड टेस्ट
कलेक्टर ने बैठक में निर्माणाधीन सभी ब्रिज पर अनिवार्य रूप से लोड टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए और कहा कि टेस्टिंग रिपोर्ट के बाद ही आगे के कार्य किए जाएं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि चिंतामन गणेश रेलवे स्टेशन का ले-आउट तैयार हो चुका है और शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा। पंचक्रोशी मार्ग पर सड़क निर्माण के दौरान आवागमन सुविधा के लिए अंडरपास बनाने के निर्देश भी दिए गए। हरिफाटक से रिंग रोड, मंगलनाथ के समीप ब्रिज निर्माण, तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग, दुर्गादास की छत्री के पास केडी गेट से गोंसा, तथा कार्तिक चौक से शंकराचार्य चौराहा तक के कार्य प्रगतिरत हैं।
मास्टर प्लान पर चर्चा
उज्जैन में मास्टर प्लान पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मार्गों के निर्माण में इंडियन रोड कांग्रेस के मापदंडों और गाइडलाइन का पालन करते हुए इंटरसेक्शन और क्रॉस-सेक्शन का विकास किया जाए। चौराहों की डिज़ाइन ट्रैफिक मूवमेंट के अनुसार सुव्यवस्थित हो और सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
