जावर। जावर थाना क्षेत्र में एक युवक ने आत्महत्या का प्रयास करते हुए खुद का वीडियो बनाया और जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसने जावर थाना पुलिस और तीन लोगों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए. युवक का इंदौर के एक अस्पताल में इलाज जारी है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार जावर निवासी शिशुपाल ठाकुर ने वीडियो में आरोप लगाया कि 27 तारीख को आष्टा में हुए एक कार्यक्रम के बाद से उसे अंकुश सिंह (मेहतवाड़ा), रितेश बागवान और बाबू मोगिया (जावर) लगातार परेशान कर रहे थे. शिशुपाल का कहना है कि शिकायत लेकर थाने जाने पर सुनवाई नहीं हुई, बल्कि रात में थाना प्रभारी द्वारा धमकाने और अपमानित करने का आरोप भी उसने वीडियो में लगाया. इन आरोपों से आहत होकर शिशुपाल ने कैमरे पर ही जहरीला पदार्थ घोलकर पी लिया.
वीडियो में युवक ने अपने एक वर्षीय बेटे और चार वर्षीय बेटी का हवाला देते हुए न्याय की गुहार लगाई है. घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्राप्त वीडियो को संज्ञान में लेकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच 2 जनवरी को भी विवाद हुआ था, जिसे उस समय समझौते से सुलझा लिया गया था. गुरुवार रात फिर से विवाद और गाली-गलौज की शिकायत सामने आई, जिसके बाद यह घटना हुई. पुलिस ने शिशुपाल ठाकुर और विनोद परमार की शिकायत पर धारा 296(बी), 351(3), 3(5) बीएनएस तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत रितेश बागवान और बाबू मोगिया के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत भी जावर थाने पहुंचीं और अधिकारियों से जानकारी ली. थाना प्रभारी नीता देअरवाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शिशुपाल उनके भाई जैसा है. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है.
