
सारनी। जिले में लगातार मौसम परिवर्तन और कड़ाके की ठंड ककी वजह से बच्चो की सेहत पर असर देखने कों मिल रहा है.शीत लहर के प्रकोप से बच्चो कों बचाने के अंतराष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन की जिला इकाई ने जिला कलेक्टर कों ज्ञापन देकर स्कूल समय मे बदलाव की मांग की है. संगठन के जिला अध्यक्ष सतीश बौरासी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर बैतूल के नाम नायब तहसीलदार सारनी कों ज्ञापन दिया है.ज्ञापन मे जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय स्कूलों के समय में परिवर्तन की मांग की है। जिला महामंत्री संतोष कैथवास ने कहा कि वर्तमान शीत लहर में सबसे अधिक असर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए स्कूलों के समय में परिवर्तन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बैतूल जिले में प्रातःकाल शीत लहर जैसी ठंडी हवाएं चल रही हैं, इसके बावजूद वर्तमान में जिले के सभी स्कूल नर्सरी से कक्षा बारहवीं तक सुबह 7.45 बजे से संचालित किए जा रहे हैं। स्कूल जाने के लिए बच्चों को सुबह लगभग 6 बजे से तैयार होना पड़ता है, जिससे ठंड का सीधा असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है
संगठन का कहना है कि स्कूलों का संचालन समय प्रातः 9.30 बजे से करने की है.जिला अध्यक्ष सतीश बौरासी ने कहा कि विद्यालयों में निर्धारित यूनिफॉर्म के तहत स्वेटर पहनना अनिवार्य है, लेकिन कई गरीब बच्चे ऐसे हैं जिनके पास निर्धारित स्वेटर उपलब्ध नहीं है। ऐसे बच्चों को किसी भी प्रकार का स्वेटर पहनने की अनुमति स्कूल प्रबंधन द्वारा दी जाए, इसके लिए भी आदेश जारी किए जाए.ज्ञापन देने वालों मे जिला प्रभारी संजय अग्रवाल, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्णा साहू, जिला मंत्री राकेश सोनी, जिला वरिष्ठ प्रभारी जय शिंदे, जिला उप महामंत्री मुकेश सोनी, जिला उप संगठन मंत्री यमल शर्मा, जिला महासचिव ओमकार सिंह, जिला मीडिया प्रभारी योगेश गोस्वामी, जिला वरिष्ठ प्रभारी श्री पत माथनकर, जिला संयुक्त सचिव मनीष जैन, जिला उप मंत्री निखिलेश गजभिए, अनिल पाटेकर, जिला सदस्य अतुल मालवीय शामिल थे.
