इंदौर: डिप्टी कलेक्टरों का दल इंदौर के स्वच्छता मॉडल की जानकारी लेने आया. इस दौरान सभी डिप्टी कलेक्टरों ने डोर टू डोर, जीटीएस, आईसीसीसी का दौरा किया. दौरे के दौरान कचरा निपटान की विभिन्न प्रोसेस को देखा. 27 सदस्यीय डिप्टी कलेक्टरों का दल इंदौर आया. सभी प्रशिक्षु अधिकारियों ने महापौर पुष्पमित्र भार्गव एवं आयुक्त शिवम वर्मा से सिटी बस कार्यालय में सौजन्य भेंट की.
महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं आयुक्त शिवम वर्मा ने सभी अधिकारियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया. प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों के दल को नगर निगम द्वारा संचालित स्वच्छता मॉडल की विस्तृत जानकारी का प्रजेंटेशन दिखाया गया. इसके बाद दल ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की प्रक्रिया, घर-घर कचरे के पृथक्करण (सेग्रिगेशन) की पद्धति, स्टार जीटीएस प्लांट के संचालन, सीटी बस कार्यालय स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसीएस) तथा इंदौर 311 एप की जानकारी ली. इस दौरान स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, उपायुक्त शैलेश अवस्थी सहित निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पूरे देश का प्रेरणास्रोतः महापौर
महापौर भार्गव ने अधिकारियों से कहा कि स्वच्छता का इंदौर मॉडल पूरे देश का प्रेरणास्रोत है. जन सहभागिता और तकनीक आधारित समाधान से शहर को लगातार स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष स्थान मिला है. डिप्टी कलेक्टरों को महापौर ने कहा कि स्वच्छता का यह मॉडल अन्य जिलों और शहरों के लिए भी अनुकरणीय है.
