
मंदसौर। मंदसौर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह भव्यता और सांस्कृतिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेखक व कवि अक्षत गुप्ता ने विद्यार्थियों से कहा कि “असफलता से डरना नहीं, बल्कि उससे सीखना चाहिए।” उन्होंने मातृभाषा और संस्कृति पर गर्व करने व महिलाओं के सम्मान को समाज की शक्ति बताया।
कुलाधिपति नरेंद्र नाहटा ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की स्थापना बेटियों को तकनीकी शिक्षा में अग्रणी बनाने हेतु की गई थी।
कुलपति डॉ. राजीव ठाकुर ने कहा कि विश्वविद्यालय नौकरी नहीं, बल्कि रोजगार सृजन की शिक्षा देता है। देश-विदेश के शीर्ष संस्थानों से 17 एमओयू किए गए हैं और 6000 से अधिक विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
समारोह में तीन सत्रों के विद्यार्थियों को उपाधियाँ दी गईं, 120 शोधार्थियों को पीएचडी और 84 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और देशभक्ति की भावना के साथ हुआ।
