
देपालपुर. किसानों और आमजनता की समस्याओं को लेकर पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सन् 2018 में देपालपुर में धरना प्रदर्शन और आंदोलन किया था. भाजपा सरकार द्वारा विभिन्न धाराओ में किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे और बेबुनियाद प्रकरण बनाए गए, पिछले वर्ष नवंबर में एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा पूर्व विधायक सहित सभी 14 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दस-दस हजार रुपए के आर्थिक दंड और कोर्ट उठने तक की सजा मुकर्रर की गई, निचली अदालत के इसी निर्णय के खिलाफ कांग्रेसजन ने सन् 2023 में उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी. एक वर्ष पश्चात उच्च न्यायालय द्वारा किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अपील को स्वीकृत करते हुए पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल सहित सभी 14 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बाइज्जत बरी करते हुए आर्थिक दंड की राशि भी पुनः ससम्मान लौटाने का आदेश दिया. उच्च न्यायालय द्वारा किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पक्ष में निर्णय होने से हर्ष व्याप्त है. कांग्रेस कार्यकर्ता और फरियादियों की ओर से पैरवी द्वय वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ मिश्रा और संतोष यादव ने की. अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव सत्यनारायण पटेल सहित जिला पंचायत पूर्व सदस्य कृपाराम सोलंकी, पूर्व सरपंच वासुदेव परमार, ब्लॉक कांग्रेस गौतमपुरा अध्यक्ष मोहन चौधरी, मिथलेश जोशी, विनोद दरबार, मोहन पटेल सहित सभी कांग्रेसजन अपीलार्थी थे.
