आईसीसी ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए आठ डायरेक्ट क्वालिफाई करने वाली टीमों की पुष्टि कर दी है, जबकि वेस्टइंडीज को एक बार फिर क्वालिफायर दौर से गुजरना होगा।
दुबई, आईसीसी ने 2027 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप के लिए अब तक क्वालिफाई करने वाली आठ टीमों की पुष्टि कर दी है। मेजबान दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के अलावा भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और इंग्लैंड ने आईसीसी वनडे रैंकिंग के आधार पर टूर्नामेंट में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है।
14 टीमें लेंगी हिस्सा
2027 वनडे वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस बार कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी, जबकि बाकी छह स्थानों का फैसला 30 सितंबर 2026 की कट-ऑफ तारीख तक रैंकिंग और क्वालिफायर टूर्नामेंट के जरिए होगा।
इस बार नामीबिया पहली बार वनडे वर्ल्ड कप मैचों की मेजबानी करेगा। टूर्नामेंट के कुल 54 मुकाबलों में 44 मैच दक्षिण अफ्रीका, जबकि जिम्बाब्वे और नामीबिया में पांच-पांच मैच खेले जाएंगे। दक्षिण अफ्रीका में जोहान्सबर्ग, प्रिटोरिया, केपटाउन, डरबन, गकेबेरहा, ब्लोमफोंटेन, ईस्ट लंदन और पार्ल प्रमुख मेजबान शहर होंगे।
वेस्टइंडीज की बढ़ी मुश्किलें
दो बार की विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज की स्थिति एक बार फिर मुश्किल हो गई है। टीम फिलहाल आईसीसी वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर है और लगभग तय माना जा रहा है कि उसे मुख्य टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ेगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज हार के बाद वेस्टइंडीज टॉप-8 से बाहर हो गई।
ये लगातार दूसरा मौका हो सकता है जब कैरेबियाई टीम को क्वालिफायर का रास्ता अपनाना पड़े। 2023 वनडे वर्ल्ड कप से पहले भी वेस्टइंडीज क्वालिफायर में नीदरलैंड, स्कॉटलैंड और श्रीलंका से हारकर मुख्य टूर्नामेंट में जगह नहीं बना सकी थी।
कौन सी टीम करेगी क्वालिफाई
अफगानिस्तान और बांग्लादेश फिलहाल आठवें और नौवें स्थान पर हैं। अगर अफगानिस्तान अपनी रैंकिंग बरकरार रखता है या उसमें सुधार करता है, तो वो सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर जाएगा। दूसरी ओर, बांग्लादेश को टॉप-8 में जगह बनाने के लिए अपनी रैंकिंग बेहतर करनी होगी, अन्यथा उसे भी क्वालिफायर का सामना करना पड़ेगा।
2027 में आएगा नाया फाॅर्मेट
2027 वर्ल्ड कप का फाॅर्मेट भी बदला हुआ होगा। तीन सबसे निचली रैंकिंग वाली क्वालिफाई टीमें पहले सुपर सीरीज खेलेंगी। इसके बाद ग्रुप स्टेज, सुपर-7, सेमीफाइनल और फाइनल के जरिए विश्व चैंपियन का फैसला होगा। इस नए और कड़े फाॅर्मेट को आईसीसी द्वारा टूर्नामेंट में टीमों की कुल संख्या बढ़ाकर 14 करने और ज्यादा से ज्यादा नॉकआउट मुकाबले कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
