बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को भाया मकर संक्रांति का मेला

सतना : सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के अवसर पर मनाए जाने वले मकर संक्रांति के पर्व पर शहर सहित जिले भर में विशेष हर्षोल्लास देखने को मिला. एक ओर जहां सुबह पर्व की शुरुआत स्नान-दान और पूजन अर्चन के साथ हुई. वहीं दूसरी ओर तिल गुड़ का स्वाद लेते हुए मेला घूमने के आनंद ने लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया.तिथि को लेकर पूर्व में भले ही कई तरह की राय सामने आती रही हों, लेकिन बुधवार की सुबह से लेकर शाम तक मकर संक्रांति का पर्व शहर सहित जिले भर ममें पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया.

त्योहार का आरंभ सुबह सवेरे स्नान, पूजन-अर्चन और दान के साथ हुआ. कुछ लोगों द्वारा जहां अपने घर में स्नान और पूजन अर्चन किया गया. वहीं कुछ लोगों ने इसके लिए धार्मिक स्थलों को चुना. स्नान-दान से निवृत्त होने के बाद तिल गुड़ से बने लड्डू और लुड़इया चखने की बारी आई. इसके साथ ही अधिकांश लोगों ने खिचड़ी भी अनिवार्य तौर पर खाई. शहर सहित जिले भर के धार्मिक स्थलों पर लोगों की भीड़ पहुंचने के चलते वहां पर पूरे दिन मेला लगा नजर आया.

इसी कड़ी में वर्षों से आबाद चले आ रहे सतना नदी किनारे लगने वाले मेले में भी जबरदस्त भीड़ उमड़ी. आलम यह रहा कि मुख्य मार्ग से लेकर नदी किनारे तक के क्षेत्र में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी. जगह जगह लगी अस्थायी दुकानों में तिल गुड़ के लड्डू और लुड़इया मेले में पहुंचने वाले लोगों के बीच पहली प्राथमिकता बनी रही. इसके साथ ही मेले में समोसा, चाट, चाउमिन, मुंगौड़ी से लेकर कई तरह दुकानें सजी रहीं. जहां पर पहुंचकर लोगों ने चटखारे लिए. महिलाओं के लिए चूड़ी बिंदी और कंगन के साथ-साथ अन्य कई तरह की श्रंगार सामग्री की दुकानों पर भी खासी भीड़ बनी रही. वहीं मेला पहुंचने वाले बच्चों का खिलौने की दुकानों से हटने का मन ही नहीं हो रहा था. अधिकांश बच्चे कई तरह का खिलौना खरीदने के साथ ही झूला झूलने के लिए मचलते नजर आए. सुबह से शुरु हुए मेले में शाम ढलने तक हलचल बनी रही. जहां पर एक ओर जहां बच्चों ने खूब लुफ़्त उठाया वहीं दूसरी ओर बड़ों ने भी अपनी बचपन की यादें ताजा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
जमकर हुई पतंगबाजी
वैसे तो मकर संक्रांति से पहले से ही शहर में पतंगे उड़ती नजर आने लगी थीं. लेकिन बुधवार को आलम यह रहा कि कहीं पर भी आसमान पतंगों से खाली नजर नहीं आ रहा था. बच्चों से लेकर युवा वर्ग के बीच विशेष दिलचस्पी के चलते पूरे दिन वो काटा का शोर सुनाई देता रहा. इसी कड़ी में कुछ उम्र दराज लोग भी स्वयं को रोक नहीं सके और बचपन की यादों को ताजा करते हुए जमकर पतंगाबाजी की. गनीमत इस बात की रही कि पतंगाबाजी की वजह से किसी तरह की दुर्घटना सामने नहीं आई

Next Post

प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचते मिले 6 दुकानदार

Thu Jan 15 , 2026
सतना : प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का स्टॉक रखने से लेकर ब्रिकी पर रोक लगाने से संबंधित आदेश एसडीएम द्वारा पहले ही जारी कर दिया गया था. लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोग चोरी छिपे इसे बेचने में लगे हुए थे. जिसे देखते हुए पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए 6 दुकानदारों […]

You May Like