नयी दिल्ली, 14 जनवरी (वार्ता) खनन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी वेदांता के शेयरों ने पिछले एक साल में 56 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दिया है और उसका बाजार पूंजीकरण रिकॉर्ड 2.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी ने बुधवार को एक नोट में बताया कि कमोडिटी की कीमतों में लगातार तेजी के कारण वेदांता के शेयर बुधवार को 38.60 रुपये यानी 6.06 प्रतिशत उछलकर 675.70 रुपये पर बंद हुए। इसके साथ ही कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर 2,64,225 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस साल अब तक कंपनी के शेयर में करीब 12 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी है। पिछले एक साल में (13 जनवरी 2025 से 14 जनवरी 2026 तक) एनएसई पर वेदांता के शेयर ने 56 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है, जो प्रमुख बाजार सूचकांकों से कहीं बेहतर है। लाभांश सहित कुल रिटर्न करीब 60 प्रतिशत रहा। यह सेंसेक्स और निफ्टी-50 की तुलना में लगभग पांच गुना और निफ्टी धातु सूचकांक से करीब डेढ़ गुना ज्यादा है। दिसंबर 2025 के अंत तक वेदांता देश की 23वीं सबसे अधिक नेटवर्थ वाली सूचीबद्ध कंपनी थी। इस सूची में बैंकिंग, वित्त और सरकारी कंपनियों को शामिल नहीं किया गया है।
एल्यूमिनियम की कीमतों में आगे और बढ़त की उम्मीद, उत्पादन में बढ़ोतरी, लागत घटने की संभावना और कंपनी के कारोबारों को अलग करने से शेयरों में तेजी देखी जा रही है। इस बीच तांबे की कीमत भी पहली बार 13,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गयी है। उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर को एनसीएलटी की मुंबई बेंच ने वेदांता के कारोबारों के अलग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। प्रस्ताव के मुताबिक, वेदांता पांच अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में बंटेगी। हर कंपनी का अपना अलग फोकस, प्रबंधन और पूंजी ढांचा होगा। कंपनी का कहना है कि इससे शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में बेहतर मूल्य सृजन होगा। वेदांता की इकाई हिंदुस्तान जिंक को भी चांदी की कीमतों में आयी तेजी का फायदा मिला है। उसका बाजार पूंजीकरण 14 जनवरी तक 2.81 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया। पिछले एक साल में हिंदुस्तान जिंक के शेयर ने करीब 52 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दिसंबर में ग्लोबल रिसर्च फर्म जेफरीज ने कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए इसे दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और शीर्ष पांच सिल्वर उत्पादकों में से एक बताया है।

