नयी दिल्ली, 14 जनवरी (वार्ता) विदेशों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को उतार-चढ़ाव देखा गया और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 244.98 अंक (0.29 प्रतिशत) गिरकर 83,382.71 अंक पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 66.70 अंक यानी 0.26 प्रतिशत उतरकर 25,665.60 अंक पर रहा। यह दोनों सूचकांकों का 07 नवंबर 2025 के बाद का निचला स्तर है।
इससे पहले शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव रहा। बीच कारोबार में सेंसेक्स ऊपर 83,809.98 अंक और नीचे 83,185.20 अंक तक गया।
दिग्गज कंपनियों के विपरीत मझौली और छोटी कंपनियों में निवेशकों ने लिवाली की। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.12 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.67 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।
आईटी, ऑटो, एफएमसीजी, फार्मा, रियलटी और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों की कंपनियों पर दबाव अधिक रहा। वहीं, धातु और सार्वजनिक बैंकिंग सेक्टरों में जबरदस्त तेजी देखी गयी। तेल एवं गैस, स्वास्थ्य और वित्तीय क्षेत्रों की कंपनियों के सूचकांक भी हरे निशान में रहे। सेंसेक्स की कंपनियों में एशियन पेंट्स और टीसीएस का शेयर दो प्रतिशत से अधिक टूटा। मारुति सुजुकी, सनफार्मा, हिंदुस्तान यूनीलिवर, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत के बीच टूटे। एलएंडटी, इंडिगो, टाइटन, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारती एयरटेल के शेयर भी लाल निशान में रहे। टाटा स्टील में साढ़े तीन प्रतिशत से अधिक तेजी दर्ज की गयी। एनटीपीसी का शेयर भी करीब सवा तीन प्रतिशत और एक्सिस बैंक का लगभग तीन प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल और बीईएल के शेयर एक फीसदी से ज्यादा चढ़े। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर भी हरे निशान में बंद हुआ।

