नयी दिल्ली, 13 जनवरी (वार्ता) अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में खुदरा व्यापारियों के हितों का ध्यान रखते हुए उनके लिए सस्ते ऋण और ई-कॉमर्स की अनुचित प्रतिस्पर्धा सुरक्षा की मांग की।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक सीट से लोकसभा सांसद प्रवीन खंडेलवाल मंगलवार को बताया कि कैट ने वित्त मंत्री के समक्ष ऐसे सुझाव रखे हैं, जो व्यापार के लिए सम्मान, सरलता, सुरक्षा और समता से परिपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कारोबार की आसानी, लोकल के लिए वोकल, वैश्विक बाजार के लिए लोकल, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों से देश के व्यापारिक वातावरण को नयी दिशा दी है। अब आगामी बजट में इन पहलों को और मजबूत करने की जरूरत है।
कैट ने छोटे व्यापारियों के लिए सिंगल विंडो अनुपालन तंत्र, अनावश्यक नोटिस और निरीक्षण पर रोक तथा व्यापारिक कानूनों से आपराधिक प्रकृति को हटाने में तीव्रता की मांग की है। उसने कहा है कि प्रत्येक जिले में अधिकारियों और व्यापारियों की संयुक्त समिति गठित करने का सुझाव दिया गया है जिससे व्यापारिक समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर ही हो सके।
श्री खंडेलवाल ने ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स में भारी छूट, बाजार पर कब्जा करने के उद्देश्य से बेहद कम मूल्य निर्धारण और विदेशी फंडिंग से होने वाली अनुचित प्रतिस्पर्धा पर तत्काल नियंत्रण की जरूरत पर जोर दिया ताकि छोटे खुदरा व्यापारियों के हित सुरक्षित रह सकें। कैट ने ईमानदार करदाता को प्रोत्साहन देने के लिए करदाता रेटिंग प्रणाली, कम छानबीन, रिफंड में तेजी और सस्ते ऋण की सुविधा देने की भी मांग की है।
भाजपा सांसद ने कहा कि व्यापारिक समुदाय देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में यदि व्यापारियों को सम्मान, सुरक्षा, सरलता और समान अवसर मिलते हैं, तो भारत को पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था और विकसित भारत 2047 बनने से कोई नहीं रोक सकता।
