
ओंकारेश्वर
अपरान्ह चार बजे ओंकारेश्वर मंदिर से ढ़ोल धमाको के साथ निकले कोटितीर्थ घाट पर विद्वान् पंडितो द्वारा पूजन अभिषेक सम्पन्न कराया गया
महा आरती के बाद पवित्र नर्मदाजी में नौका विहार कराया गया।
ओंकार घाट से मुख्य बाजार से होकर वापिस मंदिर पंहुचे।
मार्ग में भक्तो ने पुष्प वर्षा कर कपूर आरती करी।
