
छतरपुर। नगर में जल सुरक्षा को लेकर नगर पालिका ने कड़ा रुख अपनाया है। अब खुले नल छोड़ने वालों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी और ₹1000 का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक नल कनेक्शन पर टोंटी लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय पाइपलाइनों में गंदे पानी के प्रवेश और जल दूषण की आशंका को देखते हुए लिया गया है।
हाल ही में इंदौर में सामने आई जल प्रदूषण की घटना के बाद छतरपुर नगर पालिका अलर्ट मोड में आ गई है। इसी के चलते शहर के विभिन्न इलाकों में मुनादी और सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। नगर पालिका का उद्देश्य है कि खुले नलों की वजह से पानी की गुणवत्ता प्रभावित न हो और नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
इस अभियान के तहत वार्ड क्रमांक 29 के महल रोड क्षेत्र में महल टंकी से सप्लाई होने वाले पानी की जांच की गई। जल परीक्षण के दौरान नमूने भी लिए गए और उपभोक्ताओं को नल कनेक्शन की सही व्यवस्था और सुरक्षित जल उपयोग की जानकारी दी गई।
विशेष रूप से छोटी कुंजरेहटी मार्ग की सप्लाई लाइन से जुड़े उपभोक्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नल कनेक्शन नालियों में न रखें और सभी कनेक्शनों में टोंटी अवश्य लगाएं। नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माने के साथ कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका ने नागरिकों से समय पर जलकर जमा करने, पानी का संयमित उपयोग करने और स्वच्छ जल व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। अभियान के दौरान जल प्रकोष्ठ शाखा के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
